मुनुन्द,जांजगीर चांपा (सलवा जुडूम मीडिया) ब्रह्माकुमारीज के नवनिर्मित स्थान होली हंस सरोवर में आज प्रातः 9.00 बजे दीपावली स्नेह मिलन एवं भाई दूज का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ l
सभा को अपनी शुभकामनायें व्यक्त करते हुए भड़ेसर, मुनुन्द एवं जांजगीर सेवाकेंद्र प्रभारी राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी चन्द्रिका ने कहा कि दीपावली भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व का सबसे बड़ा त्यौहार है l यह परमात्मा की ओर से आत्माओं में दिव्य गुणों का प्रकाश भरने का सुनहरा दिन है l उन्होंने कहा कि भाई दूज शब्द का यथार्थ सच्चा अर्थ है भाई भाई की दृष्टि l यह तभी सम्भव है जब हमारी आत्मा की ज्योति जगी हुई हो अर्थात देह अहंकार ना हो, कहा जाता है कि जब आत्मा सतोप्रधान अथवा सत्व गुण प्रधान होता है तो धन रूपी लक्ष्मी स्वतः आती है इसीलिए दिवाली के दिन पूरे घर के कोने कोने की सफाई की जाती है ताकि धन की देवी लक्ष्मी प्रसन्न हो और हमारा घर धन्य धान्य, सुख समृद्धि से भरपूर हो लेकिन विडंबना है कि हम दीवाली और भाई दूज को केवल बाहरी रीति से मनाते आए हमने अपने अंतर की सफाई नहीं किए परिणाम स्वरुप जीवन से सुख, शांति और समृद्धि का ह्रास होते गया l
अब समय है परमात्मा शिव जो सदा जागती ज्योति है उनसे हम अपनी आत्मा की ज्योति जगायेंl जब तक परमसत्ता परमात्मा से बुद्धि योग जुटा नहीं रहेगा तब तक आत्मा विषय विकारों रूपी अंधेरा में घिरा रहता है, परमात्मा के लिए ही कहते है ज्ञान सूर्य प्रगटा – अज्ञान अंधेर विनाश अर्थात सर्व गुणों के सागर परमात्मा से सम्बन्ध जोड़ना ही आत्मा को दिव्य प्रकाश से भरपूर करना है, इसलिये आज के दिन अपनी आत्मा का चैतन्य दीपक जलाएं और ज्ञान योग रूपी घृत से सदा आलोकित रहें l
जांजगीर के जाने माने वरिष्ठ अधिवक्ता भ्राता कमलेश सिंह ने कहा कि आत्मा को प्रकाश की ओर ले जाना ही सच्ची दिवाली मनाना है l इस अवसर पर भ्राता एन. के. सोनवान, प्राचार्य शास. हाई स्कूल आमारीकरा एवं भ्राता मोहन लाल कँवर, व्याख्याता पी ऍम श्री सजेश तिलकेजा ने भी अपनी शुभकामनायें सन्देश में कहा कि इस संसार से जाने के दो ही मार्ग है एक है प्रकाश का मार्ग और दूसरा है अंधकार का मार्ग तो जब इस संसार से जाना ही है तो क्यों न प्रकाश से जाने का मार्ग चुने l
कार्यक्रम के शुभारम्भ में कु.खुशबू, कु. वाणी.,कु. बिट्टू. कु. ओशी ने स्वागत डांस एवं दिवाली मिलन की नृत्य के माध्यम से सुन्दर प्रस्तुति दी l


