जांजगीर चांपा (सलवा जुडूम मीडिया) जगद्गुरु कृपालु जी महाराज के कृपापात्र शिष्य डॉ स्वामी युगल शरण जी महाराज का आज सायंकाल 6: 00 बजें डीबी तनिष्क सिवनी रोड स्थित आवास पर आगमन हुआ । वे इक्कीसव दिवसीय आध्यात्मिक व दार्शनिक प्रवचन देंगे जो कि परशुराम मार्ग स्थित दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर परिसर में दिनांक 30 नवंबर से 20 दिसंबर, 2025 तक प्रतिदिन सायंकाल चलेगा ।

आयोजित कार्यक्रम की जानकारी
डॉ स्वामी युगल शरण जी महाराज का आगमन दिनांक 29 नवंबर को सायंकाल 6:00 बजे डी बी तनिष्क सिवनी चौक स्थित आश्रय स्थल पर हुआ । इसके बाद वे 21 दिवसीय प्रवचन कार्यक्रम में प्रतिदिन भाग लेंगे, जो दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित किया जाएगा । इसके लिए वाटरप्रूफ 5000 वर्ग फीट का बड़ा-सा पंडाल बनाया गया हैं , जिसमें अधिक से अधिक लोग बैठकर आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त कर सके ।

डॉ स्वामी जी की आध्यात्मिक पृष्ठभूमि
भूपेन्द्र देवांगन संपादक सलवा जुडूम न्यूज़-24 तथा साहित्यकार व प्रिंट मीडिया से जुड़े हुए शशिभूषण सोनी ने बताया कि भारतीय सनातन संस्कृति और धर्म में गुरु को भगवान से भी ऊंचा स्थान दिया गया हैं , यही हमारी संस्कृति और सभ्यता का मूलमंत्र भी हैं । 30 नवंबर से चांपा में आदरणीय डॉ स्वामी जी का दिव्य प्रवचन सुनने का सौभाग्य प्राप्त होगा। स्वामी जी महाराज के ब्रम्ह सूत्र के वाक्यांश को समझने और जानने का अवसर मिलेगा, वेद और पुराणों के रहस्यों का पता लगेगा । सोनी जी ने बताया कि अहं ब्रह्मास्मि का रुप किसी के पास हैं तो वह स्वामी जी के पास ही हैं । क्योंकि ब्रम्ह अनंत हैं और उसी अनंत में गुरु की सृष्टि समाहित हैं । उन्होंने कहा कि डॉ स्वामी युगल शरण जी महाराज एक भू वैज्ञानिक हैं , जिन्होंने भारत सरकार के भू-वैज्ञानिक विभाग में वरिष्ठ वैज्ञानिक के रूप में कार्य किया हैं । उन्होंने संन्यास लेने के बाद वेद वेदांत, उपनिषद और ब्रह्म सूत्र के ज्ञान को सारे राज्यों में प्रचारित-प्रसारित करने का निर्णय लिया हैं ।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य
इस 21 दिवसीय प्रवचन कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को आध्यात्मिक और दार्शनिक ज्ञान प्रदान करना हैं । डॉ स्वामी युगल शरण जी महाराज के प्रवचनों से लोगों को जीवन के उद्देश्यों और अर्थ को समझने में मदद मिलेगी ।


