जांजगीर मुनुन्द (सलवा जुडूम मीडिया) स्थानीय प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय जांजगीर से संबद्ध मेन रोड मुनुन्द स्थित होली हंस सरोवर के विशाल शिव मणि हॉल में 90 वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती के अवसर पर शिवध्वज फहराने के पश्चात् उपस्थित श्रोताओं को सम्बोधित करते हुए ब्रह्माकुमारी चन्द्रिका ने कहा कि अपने अवगुणों को परमात्मा को देकर जीवन को पवित्र और शुद्धमय बनाना ही सच्ची शिव जयंती है l उन्होंने कहा कि रात्रि अंधकार का प्रतीक है और दिन प्रकाश का l यही बात अपने जीवन में लाकर देखें कि हमारे आंतरिक जीवन में अंधकार रूपी रात्रि है या ज्ञान प्रकाश है l हम भ्रम में रहते हैँ कि हम तो अच्छे है और विषय विकार में जाना,तामसिक खान पान करना, क्रोध, लोभ, मोह,अहंकार के वश भी होना और अपने को भगवान की श्रेष्ठ रचना समझना क्या ये सही है l

आगे कहा कि परमात्मा का अवतरण मनुष्य मात्र के कल्याण के साथ साथ संसार के समस्त जीवों सहित प्रकृति के पांचों तत्वों को भी पावन और शुद्ध सतोप्रधान बनाने के लिए होता है l अभी का समय यही चल रहा है l उन्होंने स्पष्ट किया कि शिवलिंग शंकर देवता के शरीर का कोई हिस्सा या भाग नहीं है बल्कि ज्योति स्वरुप परमात्मा का प्रतिमा है ज्योति स्वरुप होने के कारण उनका हमारे जैसा शरीर नहीं है परन्तु उस ज्योति का नाम ही शिव है और शिवलिंग प्रतिमा है हम आत्माये शरीर धारण करते है और नाम भी शरीर पर पड़ता है परन्तु हम तो आत्माये हैँ वैसे ही परमात्मा भी है लेकिन उनका नाम उस ज्योति पर ही पड़ता है इसीलिए भारत में 12 ज्योतिर्लिंग प्रसिद्ध है l
अंत में उन्होंनें कहा कि शिवलिंग पर जल के साथ साथ अक -धतूरा, कनेर फूल चढ़ाना ये तो सामान्य सी बात है परन्तु अपने जीवन से कांटे और जहरीले जैसे आदत स्वभाव और संस्कारों को चढ़ाकर एक अच्छा जीवन सात्विक जीवन सुखमय जीवन बनाना ही सच्ची सच्ची शिवरात्रि -शिव जयंती मनाना सार्थक होगा l उन्होंने सभी से अपील किया कि अधिक जानकारी एवं सात्विक जीवन शैली के लिए प्रतिदिन सुबह 9 से 12 बजे एवं संध्या 5 से 8 बजे तक स्थानीय ब्रह्माकुमारीज संस्था जांजगीर पेण्ड्री वार्ड नं 11 न्यू पुलिस कॉलोनी के सामने, होली हंस सरोवर मेन रोड मुनुन्द, फरिश्ता भवन राजयोग केंद्र मेन रोड भड़ेसर में आने के लिए आमंत्रित किया है l
कार्यक्रम के पश्चात आये हुए सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया l उक्त कार्यक्रम में आये हुए सभी लोगों से दीप प्रज्जवलित कराया गया तथा जीवन को श्रेष्ठ सात्विक बनाने का संकल्प लेकर प्रस्थान किए।



