चांपा (सलवा जुडूम मीडिया मीडिया): चांपा नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। बैरियल चौक से लेकर मोदी तक की सड़क की जर्जर स्थिति और अवैध अतिक्रमण को लेकर प्रशासन की चुप्पी शहरवासियों के लिए मुसीबत का सबब बनी हुई है। नोटिस के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर पालिका चांपा ने बीते 16 अप्रैल 2026 को बैरियल चौक के दुकानदारों को अतिक्रमण हटाने हेतु सख्त नोटिस जारी किया था।

इस आदेश में स्पष्ट कहा गया था कि 3 दिनों के भीतर स्वयं कब्जा नहीं हटाने पर पालिका द्वारा कड़ी कार्रवाई की जाएगी, लेकिन आज दिनांक तक बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। प्रशासन ने नोटिस तो जारी किया, लेकिन उसे अमलीजामा पहनाने में पूरी तरह असमर्थ नज़र आ रहा है।

सड़क की बदहाली और जनता का आक्रोश बैरियल चौक से मोदी तक की सड़क की स्थिति इतनी खराब है कि यहाँ से गुजरना जोखिम भरा हो गया है, हमारे मीडिया ने पिछले दो वर्षों से इस मुद्दे पर लगातार खबरें प्रकाशित कर रहा है। वीडियो वायरल होने के बावजूद शासन-प्रशासन के कानों पर जूँ तक नहीं रेंग रही है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि नगर पालिका न तो सफाई व्यवस्था पर ध्यान दे रही है और न ही जर्जर सड़कों की मरम्मत पर, जिससे लोग अब नगर पालिका के कामकाज पर सवाल उठा रहे हैं। जिम्मेदारों से सवाल इस मामले में मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) और क्षेत्रीय एसडीएम की भूमिका संदेह के घेरे में है।

आखिर क्यों नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया?
क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा है?
संभावित सुर्खियाँ:चाम्पा में अतिक्रमण हटाओ नोटिस बना मजाक?
नोटिस के 20 दिन बाद भी बैरियर चौक पर कब्जा बरकरार?
नगर पालिका चाम्पा की लापरवाही?
16 अप्रैल के नोटिस पर अब तक नहीं हुई कोई कार्रवाई?
मीडिया की खबरों का असर नहीं, चाम्पा में बेजा कब्जाधारकों की मौज ?




