इन दिनों पश्चिम बंगाल जल रहा हैं, संदेशखाली की दुर्दशा हो या फिर आरजीकर मेडिकल कॉलेज रेप केस हो या मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा और हिंदुओं की पलायन की घटना ने कानून-व्यवस्था और सामाजिक समरसता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
यह घटनाक्रम ना केवल हिंदुओं के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए आज चिंताजनक हैं। उक्ताशय के विचार शशिभूषण सोनी से चर्चा करते हुए क्रांतिकारी परिवर्तन लाने वाले संत स्वामी सुरेंद्रनाथ जी ने कहा। उन्होंने कहा कि वक्फ संशोधन धिनियम के विरोध में देश के विभिन्न शहरों में हुई हिंसा ने सबसे ज्यादा हिंदुओं को निशाना बनाया हैं। ममता बनर्जी सरकार के मुस्लिम तुष्टिकरण की नीतियों ने भी इस हिंसा में योगदान दिया हो सकता हैं। इस संदर्भ में उन्होंने न्यायपालिका की भूमिका पर स्वामी जी सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मुर्शिदाबाद हिंसा की जांच की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने से इंकार कर दिया हैं, लेकिन वक्फ संशोधन अधिनियम पर त्वरित कार्यवाही की गई, कहां तक न्याय संगत हैं। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका के इस व्यवहार से लगता है कि वह भी पक्षपाती हो रही है, जो न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है। सरकार और समाज की जिम्मेदारी के सवाल पर उन्होंने कहा किस सरकार को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। समाज को भी सामाजिक समरसता और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए काम करते रहना चाहिए । शशिभूषण सोनी ने कहा कि मुर्शिदाबाद हिंसा ने पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था और सामाजिक समरसता के लिए गंभीर चुनौतियां पेश कर दी हैं। सरकार, न्यायपालिका और समाज को मिलकर इन चुनौतियों का सामना करना होगा और ठोस कदम उठाने होंगे।