जांजगीर चांपा, खोखरा (सलवा जुडूम मीडिया) 07 अगस्त 2025 — जब देश रक्षाबंधन के पावन पर्व पर भाई-बहन के स्नेह के धागों से जुड़ रहा था, उसी समय केशरी शिक्षण समिति, खोखरा-जांजगीर ने इस पर्व को एक नया आयाम देते हुए उसे देश के उन वीर सैनिकों को समर्पित किया, जो परिवार से दूर रहकर सरहदों पर देश की रक्षा में संलग्न रहते हैं।

इस विशेष अवसर पर कॉलेज के छात्राध्यापक, छात्राध्यापिकाएँ ने अपने हाथों से रक्षा-सूत्र (राखियाँ) तैयार कीं और हृदयस्पर्शी पत्रों के माध्यम से सैनिकों को स्नेह, सम्मान और कृतज्ञता प्रेषित किया।
इस देशभक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रम का नेतृत्व संस्था के डायरेक्टर श्री सुरेश यादव के मार्गदर्शन में हुआ तथा इसका सफल एवं समन्वित आयोजन संस्था की प्राचार्य डॉ. रेखा तिवारी द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में श्रीमती स्वाति कश्यप, श्री जितेंद्र तिवारी, श्रीमती आशा तिवारी एवं सुश्री राखी पाण्डेय का विशेष सहयोग रहा, जिन्होंने न केवल व्यवस्थाओं में सहयोग किया, बल्कि विद्यार्थियों को भावनात्मक रूप से भी प्रेरित किया।
कॉलेज परिसर उस दिन एक देशभक्तिपूर्ण उत्सव स्थल में परिवर्तित हो गया था। छात्र-छात्राएँ राखियों को सजाते समय केवल रंगों और काग़ज़ से नहीं खेल रहे थे, बल्कि वे अपनी भावनाएँ पिरो रहे थे — हर धागे में एक संदेश, हर अक्षर में एक भावना, और हर कार्ड में एक देशभक्त हृदय की धड़कन थी।
डायरेक्टर श्री सुरेश यादव ने संबोधन में कहा —”जब हमारे सैनिक सीमाओं पर अडिग खड़े हैं, तो यह हमारा भी कर्तव्य है कि उन्हें यह एहसास कराएं कि पूरा देश उनका परिवार है। यह आयोजन उसी भावना का प्रतीक है।
“प्राचार्य डॉ. रेखा तिवारी ने अपने उद्बोधन में कहा —”इन राखियों में न केवल बहनत्व, बल्कि राष्ट्र के प्रति हमारी जिम्मेदारी की भावना भी जुड़ी है। यह विद्यार्थियों को संवेदनशील और उत्तरदायी नागरिक बनाने की दिशा में एक सशक्त पहल है।
“इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम की भावना को जाग्रत किया। कई छात्राओं ने पत्रों में अपने मन की बातें साझा कीं — किसी ने सैनिक को भाई कहकर संबोधित किया, तो किसी ने अपने शब्दों में उनके प्रति गर्व प्रकट किया।
रक्षाबंधन के इस पर्व पर, केशरी शिक्षण समिति, खोखरा-जांजगीर की यह पहल केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि उन वीर सैनिकों के प्रति सम्मान, अपनत्व और राष्ट्रभक्ति की जीवंत अभिव्यक्ति बन गई। जब ये राखियाँ देश की सीमाओं पर तैनात वीरों की कलाई तक पहुँचेंगी, तो वे केवल एक रक्षा-सूत्र नहीं, पूरे राष्ट्र का प्रेम और गर्व लेकर जाएँगी।

