जांजगीर चांपा (सलवा जुडूम मीडिया) एक दैनिक समाचार पत्र, जिसकी शुरूआत 2015 में राजेश क्षत्रिय जी ने किया था, अनेक बड़े और स्थापित समाचार पत्रों के बीच सत्य से रूबरू कराने वाला, दैनिक समाचार पत्र, जिसके संघर्ष की गाथा लम्बी है, लेकिन कहते हैं न- जितना बड़ा संघर्ष होगा, जीत उतनी बड़ी होगी ये मिशाल कायम किया इस दैनिक समाचार पत्र ने, शुरुआती दिनों में जांजगीर से प्रकाशित होने वाला समाचार पत्र हुआ करता था, आज राजधानी रायपुर और जांजगीर से एक साथ प्रकाशित होता है, इतना ही नहीं, छत्तीसगढ़ के बाहर भी इनके संवाददाता एवं पाठक हैं।
लड़खड़ाते गिरते-उठते रहा परन्तु संघर्ष का मार्ग नहीं छोड़ा। आज एक दशक पूर्ण करते-करते दैनिक पत्रकारिता की दुनिया में अपनी एक पहचान बनाने में कामयाब हुआ है।
एक ऐसा नाम है, जो अपने प्रदेश के सच्चे सिपाही की तरह सत्य को उजागर करने में, महती भूमिका अदा कर रहा है, शुरुआत से ही सारी ऊर्जा सत्य का साथ देने और भ्रष्टाचार, असमानता जैसे मुद्दों को आइना दिखाने के लिए संघर्ष की चरम सीमा पार किया किन्तु ईमानदारी की राह नहीं छोड़ी।
1 सितंबर 2015 को श्री राजेश क्षत्रिय जी द्वारा छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस दैनिक समाचार की नींव डाली गई। माटी से जुड़ा, एक माटी पुत्र जो प्रदेश की सेवा का संकल्प लेकर चला। एक समय ऐसा भी आया जब खर्च का बोझ भी उठाना मुश्किल हो गया था, राजेश क्षत्रिय जी निराश हताश मेरे पास आये और बोले, कि लगता है, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस का सफर शुरू होने से पहले ही खत्म हो जाएगा स्वामी जी, तब मैंने उन्हें समझाया कि पेड़ को हरे पत्तों से भरने से पहले पतझड़ के खालीपन का सामना भी करना पड़ता है, तो आप हिम्मत न हारिये, ये बात उन्होंने हृदय में बैठा लिया, मुझे ऐसा महसूस हुआ, शायद मेरे सामने उन्होंने मन ही मन संकल्प लिया, कि अब कभी हार नहीं मानूँगा। एक वो दिन था और आज का दिन है, धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए, अपनी एक अलग पहचान बनाते हुए, इस दैनिक समाचार ने दस वर्ष पूर्ण कर लिया।
शून्य से शुरू की गई कहानी शिखर तक पहुँची कहना तो अतिशयोक्ति नहीं होगी क्योंकि छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस आज अपनी एक अलग पहचान बनाने में कामयाब हो रहा है और सत्य ही है की संघर्ष कभी व्यर्थ नहीं जाता। पत्रकारिता करने वाला निडर और निष्पक्ष हो तो उसकी पत्रकारिता में जो शक्ति होती है, वह जनता की आवाज बनती है, या यूं कहें कि आजकल जहां पत्रकारिता के क्षेत्र में चाहे प्रिंट मीडिया हो या डिजिटल मीडिया सभी पेड पत्रकारिता करने लगे हैं। ऐसे माहौल में भी अगर एक व्यक्ति सरकार, शासन, प्रशासन से सीधे केवल सत्य की कलम पड़कर टकरा जाने का साहस लेकर चलता है, अच्छे कार्यों की तारीफ और गलत कार्यों की आलोचना करने से तनिक भी नहीं घबराता उसे एक दिन उठ खड़े होने पर से कोई नहीं रोक सकता और छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस दैनिक पत्रिका की संस्थापक राजेश क्षत्रिय जी ने यही एक उदाहरण सेट किया है। उनकी निष्पक्षता, निडर पत्रकारिता का मैं कायल हो गया, इसीलिए उनके संघर्ष के समय, उनकी लड़ाई में मैंने भी कदम से कदम मिलाया। बात 2021 की है, जब प्रशासनिक अधिकारियों के लाखों के घोटाले को छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस के माध्यम से उजागर किया, लेकिन इसे दबाने का प्रयास किया जाने लगा, तब जिस तरह से बिना डरे प्रसाशन के विरुद्ध केवल सत्य का दामन थामे खड़े अकेले व्यक्ति के संघर्ष को देखकर मैंने उनका साथ देने का निर्णय लिया, और कूद पड़े मैदान में, फिर लोग जुड़ते चले गए, और कारवां बनता गया, अंततः सत्य की जीत हुई। मैं भी एक आम नागरिक की तरह छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस दैनिक समाचार पत्र की अब तक की यात्रा का साक्षी रहा हूँ। इस दैनिक समाचार ने जनता से जुड़े यथार्थ को पत्रकारिता के माध्यम से प्रस्तुत किया है। शासन, प्रशासन से सीधे लोहा लेकर अपराध, भ्रष्टाचार का खुलासा किया है और यही कारण है कि छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस आज आम जनता की आवाज बनकर नित नए आयाम रच रहा है और एका शुभचिंतक, पथ प्रदर्शक, गुरु और एक साधु के रूप में मेरी यही प्रार्थना है, कि छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस छत्तीसगढ़ की माटी का मान रखे, इस मिट्टी की चमक को पूरे देश में फैलाए और एक दिन पूरे देश का नंबर वन अखबार बन कर छत्तीसगढ़ का नाम रौशन करे।
