चांपा (सलवा जुडूम मीडिया) हिंदू धर्म में जाति-पाति का कोई भेद नहीं होनी चाहिए और हमारी जाति एक ही हैं वह हैं हिंदू ! यह उद्गार मां काली के उपासक और छत्तीसगढ़ अंचल के ख्याति प्राप्त चिन्तक विचारक स्वामी सुरेन्द्र नाथ जी ने विराट हिंदू सम्मेलन परशुराम चौक भालेराव मैदान में आयोजित कार्यक्रम के बाद सलवा जुडूम पोर्टल न्यूज के संपादक भूपेंद्र देवांगन तथा लेखक शशिभूषण सोनी से एक प्रश्नोत्तर के माध्यम से कही । इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता राजेन्द्र जी, अखिल भारतीय अधिकारी धर्म जागरण, माननीय चंद्रशेखर देवांगन , प्रांत कार्यवाहक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ , पी एस त्रिपाठी ज्योतिष रत्न हैं ।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि स्वामी सुरेन्द्र नाथ जी मां काली उपासक , विशिष्ट अतिथि कक्ष राजकुमार चंद्रा, अध्यक्षता प्रबल प्रताप सिंह जूदेव तथा संयोजिका श्रीमति अंजू गबेल जी थी । गौरतलब हैं कि सुरेन्द्र नाथ प्रख्यात मां काली उपासक, क्रान्तिकारी विचारक और ओजश्वी वक्ता तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रबल प्रताप सिंह जूदेव जी का सानिध्य और उनके सकारात्मक ऊर्जा से ओतप्रोत बौद्धिक उद्बोधन सुनने का शुभावसर प्राप्त हुआ । इस अवसर पर चांपा में आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन में स्वामी सुरेन्द्र नाथ जी ने कहा कि यह विराट हिन्दू सम्मेलन हमारी आस्था का उत्सव ही नहीं, बल्कि हमारी जिम्मेदारी का स्मरण भी हैं। उन्होंने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में यह भी कहा प्रत्येक हिन्दू अपनी पहचान को पहचाने और अपने उत्कृष्ट भविष्य के निर्माण के लिए दृढ़ संकल्प लेकर आगे बढ़े ।

आज हिंदू धर्म में अखंड पैदा हो रही हैं । लोग प्रलोभन, लालच और बहकावे के कारण दूसरे धर्म की ओर भाग रहे हैं । उन्हें इस कार्यक्रम के जरिए ही जगाने और चादर तथा फादर से दूर रहने का आग्रह किया । कार्यक्रम का संचालन महावीर सोनी ने किया। इस अवसर पर विराट हिंदू सम्मेलन में डॉ शांति कुमार स्वर्णकार , नीलम सोनार, लक्ष्मी नारायण, पूर्व पार्षद संतोष कुमार ,कुंवर भिवेद्र बहादुर राजमहल चांपा, नपाध्यक्ष प्रदीप कुमार नामदेव, राजन गुप्ता, ग्यारसी मोदी, कार्तिकेश्वर स्वर्णकार, स्वर्णकार समाज के केंद्राध्यक्ष जयदेव सोनी, भूपेंद्र देवांगन, डॉ श्रीमति मीरा पत्की , श्रीमति पुष्पा- अनिष सिह , चूड़ामणि राठौर, राजकुमार साहू, इंजीनियर रवि पाण्डेय, गोपाल मित्तल, कमललाल देवांगन , नरेन्द्र ताम्रकार, इंजीनियर श्रीमति मंजूषा पाटले, डॉ श्रीमति धनेश्वरी जागृति, अन्नपूर्णा सोनी, रजनी देवांगन, श्रीमति संतोषी दुबे सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे ।

*हिन्दू धर्म में जाति-जाति एक जटिल और विवादास्पद विषय*
हिन्दू धर्म में जाति-पाति एक जटिल और विवादास्पद विषय हैं । कई लोगों का इस विषय में मानना हैं कि जाति-पाति की व्यवस्था हिन्दू धर्म की एक मूलभूत विशेषता हैं , जबकि अन्य लोग इसे एक सामाजिक बुराई मानते हैं जो हिंदू समाज को कमजोर करती हैं ।
*प्रबल प्रताप सिंह का उद्बोधन ! राजा होते हुए एक दलित का पैर धोने में मुझे गर्व हैं*
समारोह में विशेष रूप से घर वापसी के लिए पधारे प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने अपने प्रेरक उद्बोधन में अन्य धर्मों से वापस लौटने वाले हिंदू महिला और पुरुषों का चरण धोकर सम्मानित करते हुए कहा कि इसी जांजगीर-चांपा जिले में मेरे पिता दिलीप सिंह जूदेव ने तिलक लगाकर आपका स्वागत किया था और आप लोगों ने रक्त तिलक लगाकर उनका सम्मान किया था, मैं उसी परंपरा को आगे बढ़ा रहा हूं । मैं कोसा, कांसा और कंचन की इस माटी को नमन करता हूं। पिताजी ने घर वापिसी का प्रमाण दिया और मैं चरण पखार करके उन्हें अपने धर्म में वापस जोड़ता हूं । राजा होते हुए भी एक दलित का पैर धोने में मुझे गर्व हैं और इन्हें वापस अपने धर्म में लाने में फक्र हैं ।

*आरएसएस 100 वर्ष पुर्ण कर लिया है और एक मौन साधक के रुप में संगठित करने का कार्य कर रहा हैं- चंद्रशेखर देवांगन*
इस सम्मेलन को सफल बनाने के लिए हमारी टीम एक माह से लगी हुई थी। यह आयोजन एक साथ,एक मंच,पर सभी जाति और धर्म विरादरी के लोग आकर एक निर्णायक स्थिति पर पहुंचने के लिए हो रहा था और हम इसमें पूर्णतः सफल रहे । यह बात मुख्य वक्ता प्रांत कार्यवाहक चंद्रशेखर देवांगन ने कहा । उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने आज 100 वर्ष स्थापना के पूरे कर लिए हैं । एक मौन व्रत साधक के रुप में संगठित होकर संघ अच्छा काम कर रहा हैं। हिंदूत्व को एक साथ और एक मंच पर लाने के लिए कार्य कर रहा हैं । कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती और दिलीप सिंह जूदेव के चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप जलाकर किया गया ।

*हिंदू धर्म में एकता की भावना*
स्वामी सुरेंद्रनाथ जी के अनुसार हिन्दू धर्म की एकता बहुत महत्वपूर्ण हैं । उन्होंने कहना भी हैं हिंदू धर्म में अखंड पैदा हो रही हैं और लोग दूसरे धर्म की ओर भाग रहे हैं । इसलिए हिंदू धर्म की एकता और मजबूती के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा ।
*जागरूकता और एकता*
स्वामी सुरेंद्रनाथ जी के अनुसार सभी को जागने और चादर तथा फादर से दूर रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म की एकता और मजबूती के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा ।

*शांति नाट्यकला ग्रुप सिवनी के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम*
आयोजित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम मां शांति नाट्य ग्रुप सिवनी, चांपा के तत्वावधान में रंगारंग कार्यक्रम ने दर्शकों का मन मोह लिया। महाभारत संवाद प्रसंग और होलिका नृसिंह संवाद में ब्रम्हा भगवान देवेश कुमार, हिरण्य कश्यप सुश्री रीना, राक्षस के वेश-भूषा में मनीष और देवेश नरसिंह भगवान अनुकुल तथा भक्त प्रह्लाद की जीवंत भूमिका में चिराग की प्रस्तुति शानदार रही । समिति के आयोजक रामशंकर देवांगन के दिशा-निर्देशन में सांस्कृतिक कार्यक्रम को दर्शकों ने खूब सराहा ।


