रायपुर (सलवा जुडूम मीडिया) विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत मे राजनीतिक गहमागहमी चुनावों से पहले भी रहती है और चुनावों के बाद भी, हाल ही में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के 75 वर्ष वाले बयान पर, मोदी जी के रिटायरमेंट की चर्चाएं फिर जोर पकड़ लीं, इसी सिलसिले में हमने छत्तीसगढ़ के हिंदुत्व का चेहरा माने जाने वाले, नवयुगीन सन्त, महाकाली आश्रम के प्रमुख स्वामी सुरेन्द्र नाथ जी से चर्चा की, उस बातचीत के प्रमुख अंश इसप्रकार हैं।
स्वामी जी का कहना है कि- भारत की राजनीति में जब भी नरेंद्र मोदी जी के बाद भावी प्रधानमंत्री की चर्चा होती है, तो दो नाम सबसे पहले सामने आते हैं — अमित शाह और योगी आदित्यनाथ। दोनों ही भारतीय जनता पार्टी के ताकतवर, चर्चित और प्रभावशाली चेहरे हैं। राजनीतिक गलियारे में एक नाम और लिया जाता है नितिन गडकरी जी का, लेकिन सवाल है — अगला प्रधानमंत्री कौन?
अमित शाह को मौजूदा सरकार का सबसे ताकतवर नेता और पार्टी के भीतर प्रधानमंत्री का सबसे करीबी और पार्टी का चाणक्य माना जाता है। वहीं नरेंद्र मोदी के बाद अगला नेतृत्व किसके हाथों में होगा — यह प्रश्न न केवल राजनैतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है, बल्कि आम जनता के बीच भी उत्सुकता का विषय बना हुआ है। वर्तमान परिदृश्य में दो सबसे प्रमुख नाम सामने आते हैं, अमित शाह और योगी आदित्यनाथ। दोनों ही भाजपा के ताकतवर नेता हैं, लेकिन दोनों की छवि और शैली एक-दूसरे से काफी भिन्न है।
अमित शाह को चुनाव प्रबंधन और संगठनात्मक कौशल में महारत हासिल है, केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाने, सीएए और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े कई बड़े फैसले लिए। भाजपा नेतृत्व और RSS दोनों के बीच उनकी मजबूत पकड़ है। उन्हें देश में नरेंद्र मोदी के बाद दूसरे सबसे प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में देखा जाता है, चाहे पार्टी संगठन हो, चुनाव प्रबंधन हो, गठबंधन की रणनीति हो या नीतिगत फैसले इन सब में अमित शाह की निर्णायक भूमिका रही है। भारतीय जनता पार्टी के मौजूदा कद्दावर नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, संगठन कौशल, चुनावी रणनीति और प्रशासनिक अनुभव के लिए प्रसिद्ध हैं।अमित शाह को एक “सिस्टम लीडर” माना जाता है, जो गहरी रणनीति और सधी हुई योजना से राजनीति को संचालित करते हैं।
वहीं देश की सबसे बड़ी जनसंख्या वाले राज्य, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था, धार्मिक स्थलों के विकास और हिंदुत्व की राजनीति को नया बल दिया है। योगी जी की छवि कठोर प्रशासक और फैसले लेने वाले नेता की है। उन्होंने भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। युवाओं और हिंदुत्व की विचारधारा के समर्थकों के बीच उन्हें व्यापक समर्थन हासिल है, जो उन्हें राष्ट्रीय लोकप्रियता प्रदान करती है, यही कारण है कि योगी को एक “जननेता” के रूप में देखा जाता है, जो सीधे जनता से जुड़ते हैं।
दोनों शीर्ष भाजपा नेता हैं, जिनका प्रभाव और भूमिका अपनी-अपनी जगह बहुत बड़ी है। पार्टी के अंदरखाने की हलचलों, उत्तर प्रदेश की सियासी मजबूती और योगी के लगातार दो बार मुख्यमंत्री बनाये जाने के बाद, बीजेपी नेतृत्व और संगठन दोनों को संतुलित रखते हुए ही भविष्य के फैसले होंगे।
भारत की सियासत में यह सवाल तेजी से सुर्खियां बटोर रहा है कि क्या केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भावी प्रधानमंत्री माना जा सकता है? वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य, सर्वेक्षण और पार्टी के भीतर उनकी भूमिका को देखते हुए, इस अटकल का विश्लेषण जरूरी हो जाता है।
फिर स्वामी जी ने कहा – एक और नेता जनता के हृदय पर राज करता है। जिनकी ईमानदार छवि, जनता के कल्याण के लिए समर्पित, स्पष्टवादी, परिपक्व राजनीति करने वाले नितिन गडकरी जी के बारे में हाल ही में कर्नाटक कांग्रेस विधायक बेलूर गोपालकृष्ण ने सार्वजनिक रूप से कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो 2025 में 75 वर्ष के हो जाएंगे, यदि अपना पद छोड़ते हैं, तो नितिन गडकरी “आदर्श उत्तराधिकारी” हो सकते हैं। उन्होंने गडकरी की आम आदमी से नजदीकी और देश के बुनियादी ढांचे में उनके योगदान को इसका आधार बताया, जिससे पीएम की दावेदारी की रेस में अटकलें और तेज़ हुई हैं कि भारतीय जनता पार्टी या आरएसएस गडकरी को विकल्प के रूप में देख सकते हैं।
नितिन गडकरी की राजनीतिक कुशलता उनके संगठन कौशल, रणनीतिक सोच, प्रशासनिक उत्कृष्टता, जमीनी जुड़ाव, और विभिन्न दलों के नेताओं के साथ तालमेल में बखूबी झलकती है। यह गुण उन्हें समकालीन भारतीय राजनीति के सबसे असरदार नेताओं में शामिल करता है।
अब भविष्य के गर्भ में छिपा है कि कौन होगा प्रधानमंत्री “अमित शाह की रणनीति” या “योगी का जादू” या ज़मीन से जुड़े गडकरी…? समय, परिस्थितियों, और भाजपा-संघ की सामूहिक विचार से इसका निर्णय लिया जाएगा, लेकिन इतना तय है कि इनमें से ही कोई एक देश के शीर्ष नेतृत्व की दौड़ में सबसे आगे है। स्वामी जी ने कहा आने वाले समय में ज्योतिषी गणना के आधार पर इसकी भविष्यवाणी अवश्य करेंगे, स्वामी जी के मुख से निकली साधारण बात भी सच हो जाती है, ऐसे में उनकी भविष्यवाणी का हमें इंतज़ार रहेगा..!

