मुनुन्द जांजगीर चांपा (सलवा जुडूम मीडिया) दिनांक 2 अक्टूबर 2025 :- प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज जांजगीर से सम्बद्ध होली हंस सरोवर मुनुन्द में आज ज्ञान परिचर्चा कार्यक्रम सम्पन्न हुआ l उक्त कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज मुख्यालय माउन्ट आबू से पधारे राजयोगी ब्रह्माकुमार सुनील भाई ने कहा कि अध्यात्म क्षेत्र विशाल है, और इस संसार रूपी कर्म क्षेत्र में भगवान से मिलन भी एक बार ही होता है l उन्होंने आगे स्पष्ट कहा कि भगवान कोई देखने की चीज नहीं है, अनुभव करने की चीज है क्योंकि उनका वास्तविक रूप ज्योति स्वरुप है l शारीरिक आकार नहीं है जिनका नाम शिव है l शिव लिंग उनका प्रतीक है लेकिन ज्ञान में, गुणों में सिंधु है l

वर्तमान समय संगमयुग में वो मनुष्य तन में प्रगट होते है तथा मनुष्य आत्माओं का दिव्यी करण करते है l आगे कहा कि समय को व्यर्थ न गवाएं प्राप्तियों में समय को लगाएं कोई बदले न बदले स्वयं को बदलने के पुरुषार्थ में लग जायें l अभी सौ प्रतिशत देवी देवता बनने का समय चल रहा है ये समय गया तो फिर हम श्रेष्ठ नहीं बन पाएंगे भगवान को आवरण पसंद नहीं है बल्कि आचरण पसंद है l
उन्होंने अपने जीवन का अनुभव सुनाते हुए कहा कि मेरा लक्ष्य तो इंजिनियर बनने का था लेकिन आज से 16 वर्ष पूर्व इंजिनियरिंग पढ़ाई पढ़ते वक्त कॉलेज में ही राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी बहनों का आध्यात्मिक प्रवचन सुनते मुझे प्रेरणा मिली और आज अपना जीवन आध्यात्म में समर्पित कर दिया हूँ l
जांजगीर एवं मुनुन्द सेवा केंद्र की इंचार्ज बी. के. चन्द्रिका ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया एवं सभी श्रोताओं को प्रसाद वितरण किया गया l इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी खुशबू ने तिलक लगाकर पुष्पों से उनका स्वागत किया तथा कु. वाणी देवांगन ने स्वागत डांस कर अतिथियों का स्वागत किया l सभी लोगों का मन दिव्य एवं ह्रदयस्पर्शी उद्बबोधन सुनकर गदगद हो गयेl कार्यक्रम के पश्चात् लोगों का ये अनुभव रहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम से जीवन में सकारात्मकता आती है तथा जीवन जीने की कला आती है l
इसके साथ ही साथ होली हंस सरोवर के प्रांगण में ही बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व दशहरा के उपलक्ष्य में छोटा सा रावण पुतला का दहन भी किया गया l तथा इसके अाध्यत्मिक अर्थ को भी बतलाया गया कि अपने मन के बुराइयों को ज्ञान और राजयोग से दहन करना, जलाना ही सच्चा सच्चा दशहरा मनाना है।


