महिला एसीईओ श्रीमति रत्ना थवाईत को जिलाधीश जांजगीर-चांपा के निर्देश पर बम्हनीडीह बीईओ का प्रभार मिला , यह उनके लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हैं और उनकी क्षमता को दर्शाता हैं ।
जांजगीर-चांपा (सलवा जुडूम मीडिया) ईश्वर की अनुपम, अद्भुत और विलक्षण कृति का नाम हैं नारी ! नारी प्रकृति का सर्वोत्तम उपहार हैं, वह इस संसार में समस्त मानवीय सद्गुणों की साकार मूर्ति हैं , उसके बिना संसार की कल्पना भी असंभव हैं । नारी हाड़-मांस की एक पुतला मात्र ही नहीं बल्कि आज के समय में प्रशासनिक गतिविधियों में शामिल होकर जनता-जनार्दन को दिशा-निर्देश भी दे रही हैं लेकिन इन्हीं नारी के ऊपर घृणा और उपेक्षा का भाव तेजी से बढ़ता जा रहा हैं । कार्य में दक्ष , निपुण और अनुभव होते हुए एक उच्च अधिकारी को किस तरह से उपेक्षित होना पड़ता हैं इसका एक जीता-जागता उदाहरण बम्हनीडीह ब्लांक में एबीईओ श्रीमति रत्ना थवाईत को देखना पड़ा , आखिरकार संघर्ष का सुखद परिणाम मिला ।
*विवाद का पटाक्षेप जिलाधीश जांजगीर-चांपा के निर्देश पर हुआ, थवाईत को मिली खुशियां ।
बम्हनीडीह बीईओ के प्रभार के प्रभार सौंपने को लेकर पिछले कई दिनों से विवाद चल रहा था । इस विवाद का पटाक्षेप मंगलवार दिनांक 01 जुलाई 2025 को माननीय जन्मेजय महोबे जिलाधीश जांजगीर-चांपा के निर्देश पर हो गया । आखिरकार डीईओ ने महिला एबीओ श्रीमति रत्ना थवाईत को बम्हनीडीह बीईओ का प्रभार दे दिया । यह संदेश एक महिला के सक्रिय , साहसी और हर तरह की जिम्मेदारी निभाने की क्षमता को दर्शाने वाला एक भावनात्मक संदेश हैं । साथ ही यह संदेश उनकी उपलब्धियों और क्षमता को उजागर भी करता हैं ।
*श्रीमति रत्ना थवाईत की उपलब्धियां ! बीईओ का मिला प्रभार ।*
महिला एबीओ श्रीमति रत्ना थवाईत अक्टूबर,2015 से बम्हनीडीह ब्लांक में कार्यरत हैं यानी कि पिछले 10 वर्षों से बम्हनीडीह ब्लांक में एबीईओ के दायित्वों का निर्वहन कर रही हैं ।
*10 वर्षों से जिम्मेदारियों का कर रही हैं, श्रीमति रत्ना थवाईत निर्वहन।
*बीईओ का पद रिक्त होने पर डीईओ ने उन्हें प्रभार न देकर अपने चहेते बलौदा ब्लांक के एबीईओ ललित जाटवार को प्रभार दे दिया , जबकि राज्य शासन के निर्देशानुसार ब्लांक में पदस्थ एबीईओ को ही प्रभार देने का प्रावधान हैं । डीईओ के इस क़दम से महिला एबीईओ थवाईत ने हिम्मत नही हार मानी और अपनी गुहार उच्च स्तर पर लगाई और जिला प्रशासन और राज्य शासन से अपनी पत्राचार जारी रखी । सबसे मजेदार बात यह हैं कि बम्हनीडीह ब्लांक में पदस्थ डीईओ ने यह कहकर उन्हें प्रभार नहीं दिया कि वह एक घरेलू महिला हैं और ठीक ढ़ंग से बीईओ के दायित्वों का निर्वहन नही कर सकती हैं , जबकि वह इसी बम्हनीडीह ब्लांक में गत 10 वर्षों से एबीईओ का दायित्वों का बख़ूबी निर्वहन कर रही हैं । वह डॉ आनंद थवाईत की अर्द्धांगिनी रह चुकी तथा एक छोटी-सी बच्ची लड्डू थवाईत की मम्मी हैं । आत्म-सम्मान की चोट बहुत गहरी और व्यक्तिगत चोट होती हैं जो कि बहुत दिनों तक सालती रहती हैं और आत्मविश्वास और आत्म मूल्यों को प्रभावित करती हैं । बड़े ही सौभाग्य से यह मानुष तन मिला हैं पति-पत्नी को समझौता करके चलना चाहिए । ईश्वरीय कृपा से श्रीमति रत्ना थवाईत के पास सब कुछ हैं, ऐसे समय में संवेदनशीलता और समर्थन की आवश्यकता तो होती हैं । समय-समय पर प्रयास करने पर सब-कुछ हासिल हो सकता हैं !
*श्रीमति थवाईत की मेहनत आखिरकार रंग लाई ।*
श्रीमति थवाईत ने बड़ी ही शालीनता से कलेक्टर जांजगीर-चांपा से प्रभार देने की मांग की थी । इस पर कलेक्टर ने संज्ञान लेते हुए डीईओ को महिला एसीईओ प्रभार देने निर्देशित किया गया । कलेक्टर के दखल के बाद आखिरकार बम्हनीडीह महिला एबीओ श्रीमति रत्ना थवाईत बहनजी को डीईओ का प्रभार दे दिया गया, बहुत-बहुत बधाई एवं उज्जवल भविष्य की शुभकामना।
*इस संदेश का महत्व यह हैं।*
शशिभूषण सोनी ने कहा कि एक व्यक्ति को जिंदगी में खुश रहने और आगे बढ़ने के लिए मनुष्य को बहुत से अवसर मिलते हैं , अक्सर हम बिना किसी जानकारी के उस अवसर को खो देते हैं लेकिन जो जागरूक और सतर्क होते हैं उन्हें अपने कब्जे में कर ही लेते हैं । यह संदेश मैंने श्रीमति रत्ना थवाईत के लिए ही नही बल्कि संघर्षरत अन्यान्य महिलाओं को प्रेरित करने के लिए लिखा हैं । यह संदेश उन सबके लिए प्रेरणा का स्रोत हो सकता हैं और उन्हें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित कर सकता हैं ।
*इस दुनिया में बहुत कुछ हैं, इसके लिए हमें जागरुक, सतर्क और निर्भीक होना पड़ेगा ।*
भूपेंद्र देवांगन सलवा जुडूम न्यूज़ के संपादक तथा संपादकीय लेखक शशिभूषण सोनी ने श्रीमति रत्ना थवाईत को उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामना दिया और कहा कि अब आप बीईओ पद की बाजी मार ली हैं । हर तरह की जिम्मेदारियों को बखूबी निभाने की क्षमता आपमें हैं, उन्हें विकसित कीजिए । आप सक्रिय, साहसी और शक्तिशाली महिला हैं । एक महिला के रुप में जीवन के हर पल का आनंद लें , हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं ।
