महा शिवरात्रि पर्व पर पाण्डेय दंपत्ति की हिमाचल यात्रा !
जांजगीर-चांपा (सलवा जुडूम मीडिया) महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर मंडी जिला अंतर्गत सुंदरनगर हिमाचल प्रदेश में एक बहुत ही महत्वपूर्ण और सांस्कृतिक उत्सव स्थल हैं । यहां महा शिवरात्रि सात दिनों तक उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाता हैं । इस उत्सव में शामिल होने के लिए देशी विदेशी पर्यटक ,श्रद्धालु भक्त विचरण करते देखे जा सकते हैं । जिला मंडी से जंजैहली बस स्टैंड की दूरी 85 किलोमीटर हैं। जंजैहली की पश्चिम दिशा की तरफ इसके दूसरे छोर पर सुंदरनगर हैं। इसी मार्ग से शिमला,काजा करसोग और किन्नौर भी जाया जा सकता हैं। पर्यटक इस स्थल पर रुककर मनोरम दृश्य का आनंद लेते हैं और मंदिर दर्शन भी करते हैं ।

यहां पर छत्तीसगढ़ राज्य के जांजगीर-चांपा जिला अंतर्गत कोसा,कांसा एवं कंचन की नगरी,चांपा से श्रीमति संगीता-सुरेश पाण्डेय पहुंची हैं । श्रीमति पाण्डेय भाजपा महिला मोर्चा छत्तीसगढ़ प्रदेश कार्यसमिति की सदस्या हैं और नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित महिलाओं की कार्यशाला में मुख्य अभ्यागत में शामिल होने के उपरांत इन दिनों मंडी जिला, हिमाचल प्रदेश की भ्रमण कर रही हैं । उन्होंने प्रिंट मीडिया के शशिभूषण सोनी से चर्चा करते हुए कहा कि महाशिवरात्रि के इस मेले की सबसे बड़ी विशेषता यह हैं कि आस-पास के क्षेत्रों के देवी-देवताओं अपने-अपने पालकियों में विराजित कर नगर भ्रमण कराते हैं और माधवराय मंदिर में अपनी हाजिरी लगाते हैं । उन्होंने बताया कि घूमना-फिरना हर इंसान को अच्छा लगता हैं लेकिन आजकल लोग ग्रुप के बजाए स्वच्छंद घूमना ज्यादा पसंद करते हैं , क्योंकि जितने ज्यादा लोग उतने ही अधिक टेंशन ! उन्होंने कहा कि बहुत दिनों से मन में इच्छा थी कि हिमाचल यात्रा करने की ! यात्रा न सिर्फ जीवन की एक-रसता को तोड़ती हैं बल्कि तनाव को भी कम करती हैं । श्रीमति पाण्डेय की दोनों पुत्रियां सुश्री निम्मी और नैंसी पाण्डेय टसर टेक्नोलॉजी में मास्टर डिग्री कोर्स सुंदरनगर से कर रही हैं । इन्होंने टसर टेक्नोलॉजी की डिग्री इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी चांपा से की हैं ।

*भारतवर्ष संस्कृति और आध्यात्मिकता का संगम*
साहित्यकार शशिभूषण सोनी ने बताया कि भारत-वर्ष संस्कृति और आध्यात्मिकता का संगम हैं और खासकर हिमाचल प्रदेश इसका एक उदाहरण हैं । हिमाचल प्रकृति के साथ धार्मिक, आध्यात्मिक और एजुकेशनल यात्रा भी प्रदान करता हैं। देश-भर में सबसे ज्यादा सेब यही तोड़े जाते हैं लेकिन इस समय हरे-हरे सेब ही दिखाई देते हैं। इस स्थान पर महादेव के कई देवालय हैं तथा शिकारी देवी मां के प्रति लोगों में अटूट आस्था और विश्वास हैं। यहां प्राकृतिक सुंदरता और खूबसूरती को करीब से देखने लोग दूर-दूर से आते हैं। घने जंगल,पथरीले रास्ते से होते हुए लोग चढ़ते-उतरते हैं । इन दिनों सुंदर नगर में पाण्डेय दंपति सप्त-दिवसीय यात्रा पर हैं । पाण्डेय दंपत्ति घूमने-फिरने और सैर-सपाटे के साथ धार्मिक प्रेम हैं । धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक राजनैतिक के साथ नेक दिल इंसान हैं । वे देश के प्रधानमंत्री मोदी के बेटी-बचाओ और बेटी-पढ़ाओ की नगर सह संयोजिका के पद पर कार्यरत हैं । अपनी यात्रा के विषय में बार-बार पूछने पर उन्होंने मोबाइल फोन के जरिए यात्रा वितांत बताई । सुंदर नगर में शिवरात्रि पर्व उत्साह पूर्वक मनाया जाता हैं । जगह-जगह शोभायात्रा अद्भुत शोभायात्रा में ढोल-नगाड़ों ,पारंपरिक वाद्यों, मंत्रोच्चार और भक्ति भाव से परिपूर्ण वातावरण पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देता हैं । यह दृश्य श्रद्धा , संस्कृति और लोक विश्वास का जीवंत रूप प्रस्तुत करता हैं ।

*श्रद्धा और कृतज्ञता के भाव संजोई पाण्डेय दंपत्ति*
श्रीमति पाण्डेय अपने पति प्रधान पाठक शासकीय प्राथमिक विद्यालय ग्राम अमरुवा ( सारागांव , बम्हनीडीह ब्लांक ) के साथ इस दिव्य दर्शन और अद्भुत आयोजन में सम्मिलित होने पहुंची हैं , जो कि उनके लिए एक अनमोल अनुभव रहा होगा । यह स्मृति सदैव आपके हृदय में श्रद्धा और कृतज्ञता के भाव के साथ संजोई रहेगी , आपकी यात्रा सफल और मंगलमय हो ।



