चांपा (सलवा जुडूम मीडिया) श्रीमद्भागवत एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन हैं , जिसमें भगवान श्रीकृष्ण की महिमा और जीवन के उद्देश्यों के बारे में जानकारी हैं । ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की प्रवक्ता शशिप्रभा देवी ने कहा कि असली हीरे की पहचान उसकी चमक से होती हैं । असली हीरा शीतल होता हैं वह कभी-भी गर्म नहीं होता। वैसे भी मनुष्य को अपने क्रोध को शांत करने का प्रयास करना चाहिए । उन्होंने यह भी कहा कि भगवान को एक हीरे के समान सच्चे डायमंड व्यक्ति चाहिए । इसलिए अपने आपको भगवान को सौप दो , वे ही हमें गढ़ेंगे ।
*तीसरे दिन श्रीमद्भागवत कथा का सार, सुखद जीवन का आधार विषयक आध्यात्मिक ज्ञान देते हुए ब्रम्हकुमारी प्रवक्ता शशिप्रभा देवी की कथा के मुख्य बिंदू –
*भगवान श्रीकृष्ण की महिमा और उसके जीवन के बारे में जानकारी ।असली हीरे की पहचान उसकी चमक से होती हैं ।मनुष्य को अपने क्रोध को शांत करने का प्रयास करना चाहिए ।भगवान श्री कृष्ण को हीरे के समान सच्चे डायमंड चाहिए ।अपने आप को भगवान को सौंप देने से जीवन का उद्देश्य प्राप्त होता हैं ।

*कथा का रसपान करने वालों में मुख्यतः*
कथा के तृतीय दिवस कथा श्रवण करने वालों में छत्तीसगढ़ विधानसभा में पूर्व नेता प्रतिपक्ष तथा अंचल के कद्दावर नेता नारायण चंदेल , प्रतिनिधि विवेक गोपाला , भाजपा नेता राजेंद्र तिवारी, अधिवक्ता गणेश श्रीवास, सासंद प्रतिनिधि योगेश अग्रवाल , सौरभ खुल्लर, पूर्व सहायक प्राध्यापक ( वाणिज्य ) शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय चांपा शशिभूषण सोनी, व्याख्याता श्रीमति ज्योति सराफ सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त उपस्थित थे ।

*मीडिया से विशेष वार्ता ! समाज में धार्मिकता को मिले बढ़ावा*
श्रीमद्भागवत कथा समाप्ति के पश्चात् पोर्टल न्यूज सलवा जुड़ूम के लेखक शशिभूषण सोनी से ब्रम्हकुमारी प्रवक्ता शशिप्रभा देवी ने आध्यात्मिक ज्ञान और भगवान की महिमा के बारे में चर्चा की और उन्होंने मावन जीवन के उद्देश्यों को समझने और ज्ञान प्राप्त करने के लिए कहा ।समाज में आध्यात्मिकता और धार्मिकता को बढ़ावा देने पर विचार व्यक्त की । हजारी गली अम्बे रेसीडेंसी में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा में मुख्य यजमान लक्ष्मीचंद देवांगन और उनकी अर्द्धांगिनी श्रीमति उमा देवांगन हैं ।


