जांजगीर | रंगों के पावन पर्व होली के शुभ अवसर पर महाकाली संगठन छत्तीसगढ़ द्वारा एक विशेष सेवा अभियान “खुशियों की टोकरी” का सफल आयोजन किया गया।
यह पूरा कार्यक्रम स्वामी सुरेंद्रनाथ जी के पावन उद्देश्य ‘सेवा ही देवो भव:’ की प्रेरणा और संगठन के संस्थापक एवं संगठन प्रमुख डॉ. सार्थक राठौर जी के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।”खुशियों की टोकरी” का वितरणइस अभियान के तहत बच्चों को विशेष ‘होली किट’ वितरित की गई, जिसमें त्वचा के अनुकूल हर्बल गुलाल,पानी रंग,होली टोपी, पारंपरिक गुझिया, पिचकारी, बिस्किट, मिक्सचर,स्टेशनरी किट शामिल थे।
“खुशियों की टोकरी” का वितरणइस अभियान के तहत बच्चों को विशेष ‘होली किट’ वितरित की गई, जिसमें त्वचा के अनुकूल हर्बल गुलाल,पानी रंग,होली टोपी, पारंपरिक गुझिया, पिचकारी, बिस्किट, मिक्सचर,स्टेशनरी किट शामिल थे।

इस नेक कार्य में संगठन के सदस्यों ने भारी मात्रा में बढ़ चढ़कर सहयोग किया जिनमें मुख्य रूप से सीमांक राठौर जी, प्रथम राठौर जी, पारस राठौर जी साथ ही आराध्य, सूर्यांश, बिट्टू, राहुल महंत, आशीष, ओम, अभय, सागर, राहुल, रितेश, ऋषि, यक्ष, प्रशांक, गजेंद्र ।
इस अवसर पर संगठन के सदस्यों ने बच्चों और स्थानीय निवासियों को केमिकल मुक्त रंगों के इस्तेमाल के लिए जागरूक किया। साथ ही, ‘बेजुबानों की सुरक्षा’ का संदेश देते हुए लोगों से अपील की गई कि वे सड़क पर रहने वाले जानवरों (कुत्तों, गायों आदि) पर रंग न डालें, क्योंकि यह उनकी त्वचा और आँखों के लिए घातक और हानिकारक हो सकता है। संगठन का मानना है कि नर सेवा ही नारायण सेवा है और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाना ही ईश्वर की सच्ची पूजा है।
इस अभियान में संगठन के स्थानीय युवाओं का विशेष सहयोग रहा। बच्चों के चेहरों पर आई मुस्कान ने इस होली के उत्सव को और भी यादगार बना दिया।

