जांजगीर-चांपा ( सलवा जुडूम मीडिया)। कोसा, कांसा एवं कंचन की नगरी चांपा की धन्य धरा में गोयल परिवार द्वारा पितृमोक्षान्तर्गत श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तृतीय दिवस दिनांक 29 अगस्त, 2025 दिन शुक्रवार को भरताख्यान , ध्रुव चरित्र से प्रह्लाद चरित्र का सरस वर्णन श्रीधाम वृन्दावन वासी भागवत भूषण परम श्रद्धेय श्री-श्री स्वामी पुण्डरीकाक्षाचार्य वेदान्ती जी महाराज ने व्यासपीठ पर बैठकर कहा । उन्होंने अपनी अमृत तुल्य रसमयी वाणी द्वारा भक्ति, ज्ञान, वैराग्य की त्रिवेणी का प्रवाह कर भवतारिणी कथा का दिनांक 27 अगस्त,2025 से दिनांक 02 सितंबर मंगलवार तक रसपान करवा रहे हैं । दिनांक 28 अगस्त 2025 को बालक ध्रुव चरित्र की व्याख्या करते हुए कहा कि बालक मानव समाज की सम्पत्ति हैं उसके सुरक्षित और विकसित होने से ही समाज, संस्कृति और देश का विकास हो सकता हैं । प्रकृति की गोद में बालक स्वभाव से सरल ईमानदार, निर्भय और सहृदय होते हैं जैसा वह देखते हैं वैसा ही वह पाने के लिए लालायित रहते हैं ।

*ध्रुव चरित्र! ध्रुव ने अपनी सौतेली मां सुरुचि के व्यवहार से दुखी होकर कठोर तपस्या की और भगवान श्रीविष्णु की स्तुति की ।*
मात्र 05 वर्ष का बालक ध्रुव राजसभा में राजसिंहासन पर विराजमान अपने पिता की गोद में जा बैठा उसी समय सुरुचि का पुत्र उत्तम भी महराज की गोद में बैठा था । अपनी सौत के पुत्र ध्रुव को राजा की गोद में बैठते हुए देखकर सुरुचि ईर्ष्या से क्रोधित हो उठी और उसने तुरंत ध्रुव को पिता उत्तानपाद की गोद से खींचकर नीचे उतार दिया और कहा कि तू राजसिंहासन पर बैठने का अधिकारी नहीं हैं । यदि तुम राजा की गोद में बैठना चाहते हो तो तुम्हें भगवान को प्रसन्न कर मेरी कोख से जन्म लेना होगा। ध्रुव को अपने सौतेली मां के व्यवहार से गहरा धक्का लगा और अपनी मां से लिपटकर भावुक हो सब बातें बताई और पांच वर्ष का बालक ध्रुव कठोर तपस्या के लिए चला गया । इसी समय नारद मुनि ने उन्हें भगवान वासुदेव की स्तुति ॐ नमो भगवते वासुदेवाय इस द्वादशाक्षर मंत्र का जाप करने को कहा। देवर्षि नारदजी के कहे अनुसार यमुना के किनारे मधुवन में जा पहुंचे और भगवान की भक्ति में लीन हो गए ।

*05 साल के बालक ध्रुव की भक्ति भाव ।*
मात्र 5 साल के बच्चें के लिए तप करना कितना कठिन होता हैं । ध्रुव ने प्रथम तीन दिन बैठे-बैठे तप किया और 4 थे दिन बेर फल खाया, फिर तीन दिन और तीन रात तक तपस्या किया फिर 6-6 दिन तक तप करते रहे इस तरह ध्रुव को तपस्या करते 6 माह बीत गए तब बालक ध्रुव को करुणानिधान भगवान से साक्षात्कार हुए । बालक ध्रुव की भक्ति और तपस्या की कथा सुनकर श्रीराम बाड़ा गौशाला चांपा में बैठे हुए श्रद्धालु-जनों को प्रेरणा मिली और उन्होंने भगवान की भक्ति करने का संकल्प लिया ।

*कथा महात्म्य का सीधा प्रसारण यूट्यूब और जनादेश पोर्टल न्यूज़ के माध्यम से लाईव ।*
श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन श्रीराम मंगलमय श्रीराम बाड़ा गौशाला के पास स्थित परिसर में किया जा रहा हैं । इस कथा का सीधा प्रसारण यूट्यूब और जनादेश पोर्टल न्यूज़ के संपादक डॉ राम खिलावन यादव तथा शशिभूषण सोनी के माध्यम से लाईव हो रहा हैं ।

*श्रीमद्भागवत कथा महात्म्य का आयोजन गोयल परिवार चांपा, पिथौरा, कोरबा,दर्री, कल्याण द्वारा संयुक्त रूप से सहभागी ।
*श्रीमद्भागवत कथा 27 अगस्त,2025 दिन बुधवार से शुरू हुआ, शुक्रवार को कथा का तीसरे दिन स्वामी श्री-श्री पुण्डरीकाक्षाचार्य वेदान्ती जी महाराज ने विस्तार से ध्रुव चरित्र का वर्णन किया।

*भगवान का ध्यान करने से मन के साथ इंद्रियां जुड़ जाती हैं ।
*भागवताचार्य पीठाधीश्वर आचार्य जी ने कहा कि 6 महिनें के तप से पूरे ब्रह्मांड में तहलका मच गया और भगवान श्रीविष्णु ने ध्रुव के शरीर में प्रवेश कर लिया । भगवान का ध्यान करने से मन के साथ इंद्रियां जुड़ जाती हैं। ध्रुव की तपस्या से भगवान विष्णु प्रसन्न होकर ध्रुव के मुख पर शंख लगाया तो ध्रुव ने साष्टांग प्रणाम किया और भगवान के दिव्य स्वरूप को देखा तब साक्षात्कार हुआ । कथा के दौरान वासुदेव और बालक ध्रुव की सुंदर झांकी सजाई गई और ध्रुव के जयकारा लगाएं गए। इसके पहले भागवताचार्य पुण्डरीकाक्षाचार्य वेदान्ती जी ने भरताख्यान, प्रह्लाद चरित्र की कथा के प्रमुख प्रसंगों में से ध्रुव की अटूट तपस्या, भक्त प्रह्लाद की अनुपम भक्ति की कथा सुनाई।

*कथा महात्म्य में श्रद्धालु-जनों की उपस्थिति ।*
कथा महात्म्य में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त शामिल हो रहे हैं और भगवान की भक्ति का रसपान करने वालों में मुख्यतः दीपक अग्रवाल,कमल अग्रवाल, आशीष गोयल, पीयूष गोयल, कुंजबिहारी अग्रवाल, ब्रजेश अग्रवाल,नवल किशोर गोयल, रमेश अग्रवाल, अधिवक्ता संतोष सोनी, अध्यक्ष लायंस क्लब चांपा, रामप्रपन्न देवांगन, डॉ रामखिलावन यादव संपादक जनादेश पोर्टल न्यूज़-24, डॉ रविन्द्र द्विवेदी, शशिभूषण सोनी, अविनाश अग्रवाल,श्रीमति उमाभारती सराफ कोरबा भाजपा महिला मोर्चा नेत्री, श्रीमति ज्योति सोनी,श्रीमति नेहा अग्रवाल, श्रीमति शशिप्रभा सोनी सहित अन्यान्य श्रद्धालु-जनों ने इस दिव्य लीलाओं की झलक आज की कथा के पावन क्षणों में संजोई और भक्तिभाव,आस्था और प्रेम से शुरू से अंत तक बैठे रहे और अंत में ओत-प्रोत वातावरण में श्रीकृष्णमयी होकर अपने घर प्रस्थान किए ।

