जांजगीर चांपा (सलवा जुडूम मीडिया) राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो टीम छत्तीसगढ़ जांजगीर चांपा के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर जितेंद्र पाल सिंह के उचित मार्गदर्शन में जिला अध्यक्ष रमेश कुमार सोनी एवं टीम के सक्रिय सदस्य देवेंद्र बरेठ एवं योगेश देवांगन के साथ उपस्थित हुए हमारी टीम आपके विशिष्ट कार्य के लिए सारागांव जाकर ।
“सारागांव चांपा पुलिस थाना में पदस्थ पुलिस आरक्षक श्री चंद्रहास लहरें जी को नेपाल से लाया गया पशुपतिनाथ जी का रुद्राक्ष माला एवं दुपट्टा साथ में एन एच आर सी सी बी का डायरी देकर सम्मानित किया गया ।

इस सम्मान की कड़ी में सारागांव पुलिस थाना टी आई सुभाष चौबे सहायक उप निरीक्षक राजेश सिंह महिला उप निरीक्षक सरस्वती जांगड़े हेमलता राठौर, दुर्गेश सूर्यवंशी , रामायण कौर, रमन राजपूत स्टाफ के सभी साथीगण उपस्थित रहे।
चंद्रहास जी ने यह सिद्ध कर दिया है कि पुलिस की वर्दी केवल अधिकार का नहीं,बल्कि चरित्र, सत्य और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक होती है।
“जब सही रास्ते पर चलना सबसे कठिन था,तब आपने उसी मार्ग को चुना ,और यही बात आपको विशेष बनाती है।”
“आप जैसे ईमानदार अधिकारी से पुलिस विभाग के साथ आम जनता भी प्रभावित हुए “आपके विशिष्ट कार्य के लिए….
“आज हम यहाँ केवल एक पुरस्कार प्रदान करने के लिए नहीं आए है ,
बल्कि उस ईमानदारी को नमन करने के लिए एकत्र हुए हैं
जो हर दबाव, हर प्रलोभन और हर कठिन परिस्थिति में भी ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा बने रहने का मिसाल देती है ”
पुरस्कार शब्दों में भले ही छोटा प्रतीत होता हो,पर इसका महत्व किसी भी बड़े सम्मान से कम नहीं होता है
“आप जैसे ईमानदार अधिकारी पुलिस विभाग की आत्मा हैं और समाज के विश्वास की सबसे मजबूत नींव होती है यह बात आपने साबित कर दिखाया है ”
“आज यह सम्मान आपको दिया गया पर वास्तव में प्रेरणा हम सभी को मिल रही है।”
मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है
ज्ञात हो कि दिनांक 27/12/25 को आरक्षक चन्द्रहास लहरे जब प्रातः लगभग 11:00 बजे ड्यूटी हेतु थाना सारागांव आ रहे थे, उसी दौरान सारागांव बस स्टैण्ड से लगभग 100 मीटर की दूरी पर सड़क किनारे एक लावारिस थैला पड़ा मिला। थैला उठाकर देखने पर उसमें नगदी रकम एवं आभूषण पाए गए। आसपास किसी व्यक्ति के नहीं मिलने पर उन्होंने तत्काल थाना प्रभारी सारागांव निरीक्षक सुभाष चौबे को इसकी सूचना दी गई थैला थाना लाकर महिला प्रधान आरक्षक लेखक सरस्वती जांगड़े को सुपुर्दनामा किया गया।
थैले की जांच करने पर उसमें ₹68,000/- नगद, पुराने चांदी के जेवरात, आधार कार्ड एवं ग्रामीण बैंक की पासबुक पाई गई। प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर ग्राम सरवानी के सरपंच को सूचित किया गया, जिनके माध्यम से थैले के वास्तविक मालिक की पहचान नागेश्वरी धीवर उम्र 51 वर्ष, निवासी ग्राम सरवानी, थाना सारागांव के रूप में हुई संपर्क करने पर पीड़िता द्वारा बताया गया कि उक्त थैला चांपा में सुनार दुकान पर सोना-
चांदी बदलने जाते समय गुम हो गया था। पीड़िता को थाना बुलाकर पूछताछ की गई एवं थैले में रखी संपूर्ण सामग्री दिखाने पर उसके वास्तविक स्वामित्व की पुष्टि हुई।
तत्पश्चात नगदी ₹68,000/- एवं चांदी के पुराने जेवरात, आधार कार्ड एवं बैंक पासबुक विधिवत रूप से पीड़िता को सुरक्षित लौटाए गए।
इस सराहनीय कार्य हेतु आरक्षक चन्द्रहास लहरे ने अपने कर्तव्य के साथ -साथ उच्च नैतिक मूल्यों और मानवता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। पीड़िता नागेश्वरी के द्वारा पुलिस प्रशासन के प्रति गहरी सहानुभूति, विश्वास एवं आभार व्यक्त किया गया।


