जांजगीर चांपा (सलवा जुडूम मीडिया) वैज्ञानिक दृष्टिकोण हमें तर्कसंगत सोच और अन्वेषण की प्रवृत्ति को विकसित करने में सहायता देता हैं। यह हमे अंधविश्वास और पाखंड से बचने में भी मदद करता हैं । इसी पावन उद्देश्य को लेकर विशेषकर वैज्ञानिक दृष्टिकोण दिवस शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुरदा चांपा में आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य अनुज कुमार गुप्ता सर ने बच्चो को वैज्ञानिक दृष्टिकोण के महत्व के बारे में बताया और कहा कि प्रत्येक घटना को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में भाजी की महत्ता , त्यौंहारों की वैज्ञानिक महत्ता के विषय में विद्यार्थियों को विस्तृत जानकारी दी ।

*विश्वासी बनो अंधविश्वासों नहीं – श्रीमति शांति थवाईत ।*
विद्यालय की ऊर्जावान शिक्षिका श्रीमति शांति थवाईत ,व्याख्याता ने कहा कि विश्वासी बनो ,अंधविश्वासी नही ! उन्होने बताया कि किस प्रकार से एक बच्चें के बीमार पडने पर बैगा के पास ले जाकर झाड़-फूंक करवाने से उस बच्चे की मौत हो गई ,आगे टोनही प्रताड़ना व टोनही निवारण अधिनियम के विषय में श्रीमति थवाईत ने रोचक तथ्यों के आधार पर जानकारी दी। उन्होंने भारतीय संविधान में मौलिक कर्तव्यों के रुप में आठवें मौलिक कर्तव्य में वैज्ञानिक दृष्टिकोण व मानवता दृष्टिकोण अपनाकर लाभार्जन करने को कही।

*वैज्ञानिक प्रयोग बहुत जरूरी – अंजुम खान।*
अंजुम खान ने विज्ञान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कुछ वैज्ञानिक प्रयोगों के माध्यम से विद्यार्थियों को जागरुक किया। इसी तरह जीवन यादव ने बच्चों से किसी भी प्रकार के अन्धविश्वास से दूर रहने को कहा।
सकारात्मक सोच बहुत जरूरी – अपर्णा त्रिपाठी।
श्रीमति अपर्णा त्रिपाठी ने सकारात्मक सोच अपनाने की बात कही और बच्चों को इसके महत्व के बारे में बताया।

*वैज्ञानिक दृष्टिकोण दिवस की अपनी अलग महत्ता – श्रीमति ज्योति सराफ ।
* वाणिज्य विभाग में कार्यरत व्याख्याता श्रीमति ज्योति सराफ ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण दिवस की महत्ता पर प्रकाश डाला और बच्चों को पढ़ाई-लिखाई के साथ-साथ इसके महत्व के बारे में रोचक तथ्य प्रस्तुत की। वर्षा सावंत मेडम ने बच्चों को कहा कि प्रत्येक घटना को देखना परखना व वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझकर कुछ निष्कर्ष पर पहुंचाना चाहिए ।
*लघु नाटिका का आयोजन ।*
्कक्षा 12 साइंस के बच्चों ने एक लघु नाटिका के द्वारा अंधविश्वास से हानि और बैगा गुनिया लोगों के द्वारा झाड़-फूंक की आड़ में लोगों को ठगने के बारे में एक लघु नाटक प्रस्तुत की, जिसे विद्यार्थियों ने सराहा।

*डॉ नरेन्द्र दाभोलकर का वैज्ञानिक योगदान ।*
शिक्षा और मीडिया जगत से जुड़े हुए शशिभूषण सोनी ने डॉ नरेन्द्र दाभोलकर एक प्रसिद्ध तर्कवादी और अंधविश्वास निर्मूलन कार्यकर्ता थे, जिन्होंने अपने समय में महाराष्ट्र राज्य में अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति की स्थापना लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से की थी, वे अपने मिशन में लगातार कामयाब हो रहे थे लेकिन उनकी जघन्य हत्या 20अगस्त,2013 को कर दी गई। इसी याद को स्मरणीय बनाने प्रतिवर्ष 20अगस्त को राष्ट्रीय वैज्ञानिक दृष्टिकोण दिवस मनाया जाता हैं, यह अत्यंत हर्ष हैं कि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुरदा में श्रीमति थवाईत बहन के प्रयासों से यह आयोजन सफल रहा ।

*वैज्ञानिक दृष्टिकोण क्यों अपनाते हैं – श्रीमति अंजना सिंह।*
कार्यक्रम का सफल संचालन करते हुए श्रीमती अंजना सिह परिहार ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण दिवस क्यो मानते हैं ? किस प्रकार से डाक्टर नरेन्द्र दाभोलकर ने अंधविश्वास को न अपनाने के लिए लोगो को जाग्रत किया व कैसे उनकी मृत्यु हुईं । इस पर प्रकाश डाला । इस कार्यक्रम में विद्यालय की व्याख्याता श्रीमती रेखा साहू , शिक्षिका श्रीमती नीलम राठौर ने भी बच्चों को उत्साहित करते हुए कार्यक्रम में अपनी सहभागिता निभाई । इस कार्यक्रम को लेकर विद्यार्थियों में बहुत उत्साह और उमंग देखने को मिला ।

