जांजगीर-चांपा (सलवा जुडूम मीडिया) साक्षात् भागवत स्वरुप हैं – माता-पिता ! उनकी सेवा करके बड़ा पुण्य कमाया जा सकता हैं। कुछ भी कहें ,लेकिन कभी-भी अपने माता-पिता की बुराई नहीं करनी चाहिए । आज-कल लोग बड़े से बड़ा धर्मात्मा बनते हैं लेकिन समय आने पर एक गिलास पानी तक नहीं देते । माता-पिता अपने बच्चों को प्यार और दुलार देते हैं, लेकिन उसका एक प्रतिशत भी प्यार और सम्मान बच्चें अपने माता-पिता को नहीं लौटा पाते हैं । बच्चेंं जब बड़े होते हैं, तब अपना नया घर बसा लेते हैं , अपने माता-पिता को भूल जाते हैं और उनकी परवाह नहीं करते और समय आने पर उनसे नाता ही तोड़ लेते हैं ,उक्त उद्गार श्रीराम मंगलमय भवन श्रीराम बाड़ा गौशाला के पास,चांपा में गोयल परिवार के द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान वृंदावन से पधारे श्री-श्री 1008 पुण्डरीकाक्षाचार्य वेदान्ती जी महाराज ने कहा । कथा महात्म्य शुरू होने से पहले गोयल परिवार ने श्रीमद्भागवत गीता व व्यासपीठ की पूजा-अर्चना की ।
*माता-पिता की सेवा और विट्ठल भगवान ।*
महराज श्री ने विठ्ठल भगवान और पुण्डरिक कथा महात्म्य को रोचक ढंग से सुनाते हुए कहा कि भक्त पुण्डरिक दिन-रात माता-पिता की सेवा में लगा रहता था। वहमाता-पिता की सेवा को सबसे बड़ा तीर्थ समझता था। भगवान श्रीकृष्ण ने उनकी मातृ-पितृ भक्ति को देखकर स्वयं उसके पास चलकर आये ।

*विट्ठल भगवान और पुण्डरिक।*
भगवान श्रीकृष्ण ने ईट पर बैठकर भक्त पुण्डरिक के प्रति अपनी भक्ति का प्रदर्शन किया और इसी कारण इनका नाम विट्ठल पड़ा ।

*चांपा आगमन मेरे जीवन का सौभाग्य ।*
आचार्य श्री पुण्डरी वेदान्ती जी महाराज ने कहा कि मेरे जीवन का यह परम सौभाग्य हैं कि मुझे कोसा, कांसा एवं कंचन की नगरी चांपा में आपके श्रीचरणों की कृपा छांव प्राप्त हुआ ।

*कथा स्थल श्रीराम मंगलम भवन श्रीराम बाड़ा , गौशाला के पास चांपा में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन ।
कथा का सरस वाचन वृंदावन से पधारे भागवत भूषण परम श्रद्धेय श्री-श्री 1008 स्वामी श्री पुण्डरीकाक्षाचार्य वेदन्ती जी महाराज द्वारा किया जा रहा हैं । कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजें से शाम 07 बजें तक किया जा रहा हैं । कथा का सीधा प्रसारण यूट्यूब के माध्यम से लाइव भी हो रहा हैं । दिनांक 28 अगस्त ,2025 दिन गुरुवार को आचार्य श्रीमहराज ने शुकदेव जी आगमन, कपिलावतार की कथा की विस्तृत जानकारी दी । इसी तरह 29 अगस्त शुक्रवार भरतकथा, प्रह्लाद चरित्र की कथा होगी । दिनांक 30 अगस्त , दिन शनिवार को श्रीराम चरित्र, कृष्ण जन्मोत्सव, 31 अगस्त (रविवार) को श्रीकृष्ण बाललीला एवं गोवर्धन पूजा , 01 सितंबर दिन सोमवार को रासलीला एवं रुक्मणी विवाह, दिनांक 02 सितंबर मंगलवार को श्रीसुदामा चरित्र एवं परीक्षित उद्धार के साथ सानंद संपन्न होगा । आयोजक गोयल परिवार ने नगर वासियों एवं क्षेत्र वासियों से अपील की हैं कि वे इस मंगलमय आयोजन में सम्मिलित होकर भागवत श्रवण का पुण्य लाभ प्राप्त करें और कथा को सफल बनाएं । इस अवसर पर पंडित उपेंद्र तिवारी, डॉ रविन्द्र द्विवेदी, शशिभूषण सोनी,आशीष कुमार अग्रवाल, शंकर शर्मा, गोपाल मित्तल, अशोक कुमार अग्रवाल, राकेश शर्मा टाईगर, सुरेश कुमार, देवेंद्र सोनी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त शामिल हुए ।

