जांजगीर चांपा (सलवा जुडूम मीडिया) कथा के द्वितीय दिवस में अंचल की सुप्रसिद्ध बाल कथा विदुषी पूज्या किशोरी छाया दुबे जी ने कहा कि कपिल मुनि का अवतरण भगवान श्रीविष्णु ने मानव जाति को आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करने और उन्हें मोक्ष दिखाने के लिए किया था।

इस अवसर पर उन्होंने आत्म ज्ञान प्रदान करने के लिए प्रयास करने योग, ध्यान और भक्ति को माध्यम बनाया। तथा जीवन के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए जोर दिया । पूज्या छाया किशोरी दुबे अंचल के मानस मर्मज्ञ नीलमणि दुबे चांपा की 15 वर्षीय सुपुत्री और बचपन से ही श्रीमद्भागवत कथा में पारंगत हैं । भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और उनके प्रेम का रस सुनाकर बाबा कलेश्वर नाथ मंदिर प्रांगण में बैठे हुए श्रद्धालु भक्तों को अपनी अनुपम वाणी से भक्तिमय और अद्भुत भावों से भर दिया ।

कथा का शुभारंभ जल कलशयात्रा से आरंभ हुआ।
संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ पावन कलश यात्रा से हुआ। बाबा कलेश्वनाथ मंदिर प्रांगण में कथा के दुसरे दिन श्रद्धालु भक्तों के साथ डॉ रामखिलावन यादव, संपादक जनादेश पोर्टल न्यूज़, शांति लाल कश्यप, शशिभूषण सोनी, प्रिंट मीडिया तथा पूर्व सहायक प्राध्यापक ( वाणिज्य ) शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय चांपा, दूजेलाल साहू, छोटेलाल साहू, रोहणी साहू, दिनेश कुमार साहू, शिवकुमार साहू, भरत साहू , नवीन साहू,मुरली , फणींद्र साहू श्रीमति अनिता साहू सहित क्षेत्रवासियों के साथ सहभागी बने ।

कपिल अवतार,सती चरित्र और परीक्षित मोक्ष की कथा और दर्शनीय झांकियां
कथा वाचिका पूज्या किशोरी छाया दुबे जी ने अपनी सुमधुर वाणी से कपिल अवतार,सती चरित्र और परीक्षित चरित्र की कथा विस्तार से सुनाई । पूज्या किशोरी ने कहा कि कपिल भगवान के अवतार की विशेषता बताई । उन्होंने कहा कि महर्षि कपिल मुनि की शिक्षाएं मानवता के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत बनी रहेंगी और उनके द्वारा दिए गए ज्ञान भक्ति और साख्य योग आज भी प्रासंगिक हैं । कथा वाचिका दुबे ने कहा कि कपिल मुनि का अवतरण भगवान विष्णु ने मानव जाति को आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करने और उन्हें मोक्ष का मार्ग दिखाने के लिए किया था । कपिल मुनि ने ही हमें सिखाया हैं कि मनुष्य को अपने जीवन में आत्म ज्ञान प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए और भक्ति तथा ज्ञान को समान महत्व देना चाहिए ।

माघ मास में श्रीमद्भागवत कथा सचमुच आत्मीय ज्ञान प्रदान करने वाला हैं
प्रिंट मीडिया से जुड़े हुए शशिभूषण सोनी ने कहा कि भगवान की भक्ति ही जीवन में सबसे बड़ी हैं और भगवान का भजन करना ही सच्ची भक्ति हैं । भक्ति, आस्था और सनातन संस्कारों से ओत-प्रोत धार्मिक नगरी बाबा कलेश्वनाथ की पावन धरती पर माघ महिने में श्रीमद्भागवत कथा सचमुच आत्मिक शांति प्रदान करने वाला हैं ।


