मुनुन्द/जांजगीर, (सलवा जुडूम मीडिया) 4 सितम्बर 2026 भारत के महानतम और आस्था के पर्व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर होली हंस सरोवर, मुनुन्द में राधा-कृष्ण की जीती-जागती भव्य चैतन्य झांकी सजाई गई। संध्या 6:30 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक आयोजित इस दिव्य झांकी को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। उल्लेखनीय है कि प्रति वर्ष ब्रह्माकुमारीज संस्था के स्थानीय सेवाकेंद्र जांजगीर (पेण्ड्री) द्वारा आम लोगों के दर्शनार्थ जन्माष्टमी और नवरात्रि पर्व पर इस तरह की चैतन्य झांकी का विशेष आयोजन किया जाता है।

दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ
इस पावन कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ जांजगीर क्षेत्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी चन्द्रिका बहन एवं जांजगीर के वरिष्ठ अधिवक्ता भ्राता कमलेश सिंह द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।

रक्षाबंधन और जन्माष्टमी का गहरा आध्यात्मिक संबंध
झांकी के अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमारी चन्द्रिका बहन ने इसके आध्यात्मिक रहस्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जन्माष्टमी का पर्व प्रति वर्ष रक्षाबंधन के ठीक आठवें दिन ही क्यों आता है? इसका गहरा रहस्य है। जब हम परमात्मा से राखी बंधवाकर मन, वचन और कर्म से पवित्र रहने का दृढ़ संकल्प लेते हैं, तो परमात्मा हमारी सर्व विकारों से रक्षा करते हैं। ऐसी पवित्रता के बल पर ही हम कृष्णपुरी (सत्युग) में राधा-श्रीकृष्ण के साथ उस पावन दुनिया के अधिकारी बनते हैं। चन्द्रिका बहन ने कहा कि उसी पावन दुनिया में चलने के लिए वर्तमान समय स्वयं शिव परमात्मा हमें ईश्वरीय ज्ञान और राजयोग की शिक्षा दे रहे हैं।

मटकी फोड़ और प्रसाद वितरण के साथ संपन्न हुआ कार्यक्रम
यह चैतन्य झांकी स्थानीय लोगों के साथ-साथ जांजगीर से आए श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष कौतूहल और आकर्षण का केंद्र रही। जीवंत रूप में सजे राधा-कृष्ण के दर्शन कर भक्त भावविभोर हो उठे। कार्यक्रम के समापन पर पारंपरिक रूप से ‘मटकी फोड़’ प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया, जिसने उत्सव के आनंद को दोगुना कर दिया। अंत में कार्यक्रम में शामिल सभी भक्तों को पवित्र प्रसाद का वितरण किया गया।






