चांपा में शिव साहिस उर्फ गुल्लू की इलाज के दौरान मौत से आक्रोश, पुलिसकर्मी पर गंभीर आरोप; आबकारी एक्ट के मामले में आरक्षक ईश्वरी राठौर निलंबित
चांपा (सलवा जुडूम मीडिया) चांपा थाना क्षेत्र में महुआ शराब से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार मेहंदीपारा निवासी शिव साहिस उर्फ गुल्लू की इलाज के दौरान मौत के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मृतक के परिजनों और मोहल्लेवासियों ने पुलिस पर मारपीट का गंभीर आरोप लगाते हुए घटना की निष्पक्ष जांच, संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, बर्खास्तगी और परिवार को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है।

घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग चांपा थाना पहुंच गए और थाना परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। मामले को लेकर क्षेत्र में भी आक्रोश का माहौल देखने को मिला।

गिरफ्तारी के बाद बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत
मिली जानकारी के अनुसार शिव साहिस को थाना चांपा में दर्ज आबकारी एक्ट के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। परिजनों का आरोप है कि गिरफ्तारी के दौरान उसके साथ मारपीट की गई। गिरफ्तारी के बाद रात में उसकी तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई, जिसके बाद उसे उपचार के लिए शासकीय बीडीएम अस्पताल चांपा में भर्ती कराया गया।

बताया गया कि हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने पुलिस अभिरक्षा के दौरान हुई कथित मारपीट और बिगड़ी तबीयत को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।

पुलिसकर्मी ईश्वरी राठौर निलंबित
इसी मामले से जुड़े थाना चांपा के अपराध क्रमांक 478/26, धारा 34(2) आबकारी एक्ट के प्रकरण में पुलिस विभाग ने आरक्षक क्रमांक 836 ईश्वरी राठौर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा द्वारा जारी निलंबन आदेश में आरक्षक पर घोर लापरवाही एवं अनुशासनहीनता बरतने का उल्लेख किया गया है। निलंबन के बाद आरक्षक को तत्काल प्रभाव से रक्षित केंद्र जांजगीर संबद्ध किया गया है।
हालांकि, निलंबन आदेश अपने आप में मृतक की मौत के लिए आरक्षक को दोषी ठहराने का अंतिम निष्कर्ष नहीं है। मौत और पुलिस पर लगाए गए मारपीट के आरोपों की वास्तविक स्थिति विभागीय जांच, मेडिकल रिकॉर्ड, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट होगी।

परिजनों की मांग—दोषी पुलिसकर्मियों पर हो कड़ी कार्रवाई
मृतक के परिजनों का कहना है कि यदि जांच में पुलिस अभिरक्षा के दौरान मारपीट या किसी प्रकार की गंभीर लापरवाही साबित होती है, तो जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। परिजनों ने मामले में संलिप्त बताए जा रहे पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग उठाई है।

थाना परिसर में जुटी भीड़, जनप्रतिनिधियों ने संभाली स्थिति
शिव साहिस की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में परिजन, मोहल्लेवासी और अन्य लोग चांपा थाना पहुंच गए। लोगों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी देखी गई। स्थिति को देखते हुए नगर के जनप्रतिनिधि और प्रबुद्ध नागरिक भी मौके पर पहुंचे तथा लोगों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया।

जांच से खुलेगा मौत का असली राज
अब पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि गिरफ्तारी के बाद शिव साहिस की तबीयत किन परिस्थितियों में बिगड़ी और उसकी मौत की वास्तविक वजह क्या थी?
मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल रिकॉर्ड, पुलिस अभिरक्षा के दौरान की परिस्थितियां, सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्य महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

फिलहाल एक पुलिसकर्मी के निलंबन से मामला और गंभीर हो गया है। अब लोगों की नजर जांच की निष्पक्षता और उसके निष्कर्ष पर है। यदि जांच में किसी पुलिसकर्मी की मारपीट, प्रताड़ना या गंभीर लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की मांग और तेज हो सकती है।
नोट: पुलिस पर लगाए गए मारपीट के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले में अंतिम सच जांच और आधिकारिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा।





