इकलौते बेटे का आरोप—पिता के निधन की जानकारी तक छिपाई गई, दशगात्र और पिंडदान में भी नहीं मिला अधिकार; सुरक्षा और न्याय की मांग
चांपा (सलवा जुडूम मीडिया) जांजगीर-चांपा जिले के चांपा क्षेत्र में पिता के निधन के बाद पारिवारिक विवाद, संपत्ति में अधिकार और अंतिम संस्कार से जुड़े आरोपों का मामला सामने आया है। चांपा निवासी भूपेंद्र देवांगन ने अपने पिता स्वर्गीय श्री ओमप्रकाश देवांगन के निधन के बाद अपनी बहनों और बहनोइयों पर उन्हें पिता के अंतिम संस्कार, अस्थि विसर्जन तथा अन्य धार्मिक क्रियाकर्मों से वंचित रखने का आरोप लगाया है। इस संबंध में उन्होंने 8 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक, जांजगीर-चांपा के समक्ष लिखित शिकायत प्रस्तुत कर अपनी सुरक्षा, संपत्ति संबंधी अधिकारों और पूरे मामले में उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।

भूपेंद्र देवांगन के अनुसार, शिकायत के बाद 16 अक्टूबर 2026 को उन्हें चांपा थाने बुलाया गया, जहां उनका कथन दर्ज किया गया। उनका कहना है कि पुलिस की ओर से मामले को पारिवारिक एवं संपत्ति विवाद से संबंधित बताते हुए न्यायालय के माध्यम से उचित समाधान प्राप्त करने की बात कही गई। हालांकि, शिकायतकर्ता अब भी अपनी सुरक्षा और वैधानिक अधिकारों को लेकर चिंतित हैं।

🔴 पिता की मृत्यु की जानकारी छिपाने का आरोप, अंतिम दर्शन से भी वंचित रहने का दावा
भूपेंद्र देवांगन का आरोप है कि उनके पिता श्री ओमप्रकाश देवांगन की तबीयत पिछले कुछ समय से खराब थी। लगभग एक महीने पहले स्कूटी दुर्घटना होने के बाद उनकी स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ गई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, उनके पिता का इलाज मुकेश देवांगन के कोसा निकेतन स्थित दुकान एवं घर में लगभग 15 दिनों तक किया गया, लेकिन इस दौरान उन्हें अपने पिता की तबीयत की जानकारी नहीं दी गई और न ही उनकी सेवा करने का पर्याप्त अवसर मिला।

भूपेंद्र का कहना है कि वह अपने पिता के इकलौते पुत्र हैं, इसके बावजूद उन्हें पिता के स्वास्थ्य और उपचार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों से दूर रखा गया। उनके अनुसार, पिता के निधन की सूचना भी उन्हें समय पर नहीं दी गई और रात करीब 2:30 बजे उन्हें अन्य के द्वारा इसकी जानकारी दी गई। उनका आरोप है कि पिता की मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जानकारी भी उन्हें अब तक स्पष्ट रूप से नहीं दी गई है।
इन परिस्थितियों को लेकर शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि पारिवारिक संपत्ति के विवाद के कारण उन्हें जानबूझकर अलग रखा गया। हालांकि, इन आरोपों और आशंकाओं की स्वतंत्र जांच तथा संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना आवश्यक है।

🔴 अंतिम संस्कार के बाद दशगात्र और पिंडदान को लेकर भी विवाद
इस पूरे मामले में सबसे संवेदनशील पहलू पिता के अंतिम संस्कार और धार्मिक क्रियाकर्मों को लेकर सामने आया है।
भूपेंद्र देवांगन का आरोप है कि पिता के निधन के बाद उन्हें अंतिम संस्कार और अस्थि विसर्जन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में शामिल होने के अवसर से वंचित रखा गया। उनका यह भी कहना है कि उनके पिता के दशगात्र और पिंडदान की रस्में उनके स्थान पर उनके बहनोई मुकेश देवांगन एवं लक्ष्मीकांत देवांगन द्वारा की गईं।

शिकायतकर्ता के अनुसार, परिवार के बड़े-बुजुर्गों और अन्य सदस्यों ने इस विषय पर आपत्ति जताते हुए सभी धार्मिक क्रियाकर्म आपसी सहमति, पारिवारिक सम्मान और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने की बात कही थी। इसके बावजूद विवाद का समाधान नहीं हो सका।
भूपेंद्र का कहना है कि पिता के निधन के समय परिवार को एकजुट होकर दुख की घड़ी में साथ देना चाहिए था, लेकिन इसके विपरीत उन्हें अपने ही परिवार में अलग-थलग महसूस करना पड़ा।

🔴 पांच लोगों के खिलाफ लगाए गंभीर आरोप
भूपेंद्र देवांगन ने अपनी शिकायत और उसके बाद सामने रखे गए आरोपों में निम्नलिखित पांच लोगों के नाम लिए हैं— मुकेश देवांगन, लक्ष्मीकांत देवांगन(मजनू), अनीता देवांगन,भूमिका देवांगन, प्रतिभा देवांगन
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन लोगों के व्यवहार के कारण उन्हें पारिवारिक विवाद, मानसिक परेशानी और अपने घर में असुरक्षा की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें संपत्ति संबंधी अधिकारों से वंचित करने की आशंका है तथा विवाद के दौरान धमकी दिए जाने जैसी परिस्थितियां भी उत्पन्न हुईं।
भूपेंद्र का दावा है कि उनकी मां को भी पारिवारिक विवाद के बीच उनसे दूर कर दिया गया है। उनके अनुसार, पहले उनकी मां उनसे नियमित रूप से बातचीत करती थीं, लेकिन अब रिश्तों में दूरी आ गई है।
महत्वपूर्ण तथ्य: ये सभी आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं। संबंधित व्यक्तियों का पक्ष और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं है। किसी भी व्यक्ति की कानूनी जिम्मेदारी का निर्धारण जांच और सक्षम न्यायालय की प्रक्रिया के अनुसार ही किया जा सकता है।

🔴 वरिष्ठ अधिवक्ता एवं नोटरी रहे ओमप्रकाश देवांगन के परिवार में विवाद से चर्चा
स्वर्गीय श्री ओमप्रकाश देवांगन को क्षेत्र में वरिष्ठ अधिवक्ता एवं नोटरी के रूप में जाना जाता था। उनके निधन के बाद परिवार में उत्पन्न विवाद को लेकर शिकायतकर्ता ने दुख व्यक्त किया है।
भूपेंद्र देवांगन का कहना है कि उनके पिता ने जीवनभर मान-सम्मान के साथ जीवन व्यतीत किया, लेकिन उनके निधन के बाद परिवार में जिस प्रकार की परिस्थितियां उत्पन्न हुईं, उससे उन्हें गहरा आघात पहुंचा है।
उनका आरोप है कि पिता के अंतिम संस्कार और धार्मिक क्रियाकर्मों में उन्हें उचित स्थान नहीं मिला। इस घटनाक्रम को लेकर परिवार के कुछ सदस्यों और समाज के लोगों द्वारा भी आपत्ति जताए जाने का उनका दावा है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि ऐसे संवेदनशील अवसर पर पारिवारिक विवाद को बढ़ाने के बजाय आपसी सहमति, सामाजिक मर्यादा और सम्मान के साथ सभी रस्में पूरी की जानी चाहिए थीं।
हालांकि, समाज के कितने लोगों ने औपचारिक रूप से आपत्ति दर्ज कराई, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
🔴 वर्ष 2016 से चले आ रहे विवाद का भी किया जिक्र
भूपेंद्र देवांगन ने अपने आरोपों के संदर्भ में वर्ष 2016 से चले आ रहे पारिवारिक विवाद का भी उल्लेख किया है। उनका कहना है कि परिवार में लंबे समय से विवाद की स्थिति बनी हुई है और पूर्व में भी इस संबंध में पुलिस तथा न्यायालय की प्रक्रिया का सामना करना पड़ा था।
शिकायतकर्ता के अनुसार, पुराने विवादों के बावजूद उन्हें आज तक पारिवारिक संबंधों में राहत नहीं मिली है। पिता के निधन के बाद उत्पन्न परिस्थितियों ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है।
इस पुराने मामले की वर्तमान कानूनी स्थिति और नए आरोपों से उसका संबंध संबंधित दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
🔴 एसपी को शिकायत, चांपा थाने में कथन दर्ज; अब न्याय की उम्मीद
भूपेंद्र देवांगन ने 8 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक, जांजगीर-चांपा के समक्ष लिखित शिकायत देकर अपनी सुरक्षा, पारिवारिक विवाद और संपत्ति संबंधी अधिकारों के संरक्षण की मांग की थी।
उनके अनुसार, 16 अक्टूबर को चांपा थाने में उनका कथन दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि थाना प्रभारी कमलेश शिंदे की ओर से मामला पारिवारिक एवं संपत्ति विवाद से संबंधित होने के कारण कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से समाधान प्राप्त करने की बात कही गई।
शिकायतकर्ता का कहना है कि वह अपने घर में स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की है कि उनकी शिकायत में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाए, आवश्यकता के अनुसार सुरक्षा प्रदान की जाए तथा संपत्ति और अन्य वैधानिक अधिकारों के संरक्षण के लिए उचित कानूनी मार्गदर्शन दिया जाए।
🔴 सबसे बड़ा सवाल: क्या भूपेंद्र देवांगन को मिलेगा न्याय?
पिता के निधन के बाद परिवार में उत्पन्न विवाद अब कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर रहा है।
- क्या पिता की मृत्यु और उपचार से संबंधित परिस्थितियों की स्पष्ट जानकारी शिकायतकर्ता को दी गई थी?
- क्या उन्हें अंतिम संस्कार और अन्य धार्मिक क्रियाकर्मों में शामिल होने का उचित अवसर मिला?
- क्या संपत्ति संबंधी अधिकारों को लेकर वास्तव में कोई विवाद या उन्हें वंचित करने का प्रयास हुआ है?
- क्या शिकायत में लगाए गए धमकी और असुरक्षा के आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी?
- क्या संबंधित पक्षों को सुनकर प्रशासन इस विवाद के समाधान के लिए उचित कदम उठाएगा?
इन सवालों के जवाब जांच, उपलब्ध दस्तावेजों और संबंधित पक्षों के बयानों से ही सामने आ सकेंगे।
भूपेंद्र देवांगन ने शासन-प्रशासन से अपील की है कि उनकी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराई जाए और उन्हें कानून के अनुसार न्याय मिले। उनका कहना है कि वह किसी प्रकार का विवाद नहीं चाहते, बल्कि अपने पिता से जुड़े घटनाक्रम की सच्चाई जानना, अपने वैधानिक अधिकारों की रक्षा करना और सुरक्षित वातावरण में जीवन व्यतीत करना चाहते हैं।
अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखी गई शिकायत पर आगे क्या कार्रवाई होती है और इस पारिवारिक विवाद का कानूनी समाधान किस प्रकार निकलता है।




