दशहरा उत्सव पर नारी शक्ति और राजयोग का दिया संदेश, ग्रामीणों को निःशुल्क राजयोग सीखने के लिए किया आमंत्रित
जांजगीर चांपा भड़ेसर, (सलवा जुडूम मीडिया) 21 अक्टूबर 2026 प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, मेन रोड भड़ेसर में दशहरा उत्सव के अवसर पर जीवंत देवियों की आकर्षक झांकी सजाई गई। झांकी के दर्शन के लिए आसपास के गांवों से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इस दौरान श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया तथा उन्हें निःशुल्क राजयोग सीखने के लिए आमंत्रित किया गया। झांकी रात 10 बजे तक श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुली रही।

नारी शक्ति का प्रतीक हैं देवियां, बुराइयों पर विजय का दिया संदेश
ब्रह्माकुमारीज संस्था द्वारा प्रतिवर्ष नवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ शिव शक्ति स्वरूप देवियों की झांकी सजाई जाती है। इसी परंपरा के तहत इस वर्ष भी जीवंत देवियों की झांकी के माध्यम से आध्यात्मिकता, नारी शक्ति और बुराइयों पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया गया।

संस्था की ओर से बताया गया कि जिन देवियों को असुरों का संहार करने वाली दिव्य शक्तियों के रूप में पूजा जाता है, वही शक्ति प्रत्येक नारी के भीतर विद्यमान है। नारी अबला नहीं, बल्कि शक्ति का स्वरूप है। आवश्यकता है कि वह अपनी आंतरिक शक्ति को पहचाने और सकारात्मक विचारों के साथ जीवन में आगे बढ़े।

कार्यक्रम में राजयोग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि राजयोग के माध्यम से व्यक्ति अपने भीतर के नकारात्मक एवं आसुरी विचारों पर विजय प्राप्त कर सकता है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन का उदाहरण देते हुए बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया। दशहरा पर्व हमें सत्य, सदाचार और सकारात्मकता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
ब्रह्माकुमारी चन्द्रिका के मार्गदर्शन में हुआ आयोजन
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में ब्रह्माकुमारी चन्द्रिका के मार्गदर्शन में बीके फिरतू भड़ेसर, बीके संजय देवांगन, खोखरा से विजय देवांगन, संतोष कश्यप, ग्राम सेंदरी से सरजू यादव, पुटपुरा से विनोद कुमार, मेहंदा से घनश्याम कुमार तथा धनेली से राम संजीवन साहू का सराहनीय योगदान रहा।

इसके साथ ही स्थानीय उपसरपंच श्री यादव, पूर्व उपसरपंच श्री राजेश पाण्डेय तथा ब्रह्माकुमारी खुशबू ने भी आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
देवियों के स्वरूप में नजर आईं ब्रह्माकुमारी बहनें
जीवंत देवियों की झांकी में ब्रह्माकुमारी सरस्वती, ब्रह्माकुमारी लता, ब्रह्माकुमारी भारती एवं ब्रह्माकुमारी वाणी ने देवियों के स्वरूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी प्रस्तुति श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही।

इस आयोजन के माध्यम से लोगों को आध्यात्मिक जागरूकता, आत्मिक शांति, नारी सम्मान और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का संदेश दिया गया। साथ ही संस्था ने इच्छुक लोगों को निःशुल्क राजयोग सीखकर अपने जीवन में शांति, संयम और सकारात्मकता अपनाने के लिए प्रेरित किया।
दशहरा उत्सव के इस आयोजन ने श्रद्धालुओं को भक्ति के साथ-साथ आत्मिक शक्ति पहचानने और बुराइयों पर विजय प्राप्त करने की प्रेरणा दी।




