जांजगीर-चांपा (सलवा जुडूम मीडिया) साहित्यिक संस्था निराला साहित्य मंडल एवं निराला महिला मंडल के संयुक्त तत्वावधान में संत शिरोमणि गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती समारोह का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। डीवी वैंचर्स सभागार में आयोजित कार्यक्रम का वातावरण आध्यात्मिक, साहित्यिक और भक्तिमय रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी, सामाजिकजन एवं गणमान्य नागरिक शामिल हुए।

कार्यक्रम में मानस प्रवचन करते हुए भागवताचार्य पंडित दिनेश कुमार दुबे जी महाराज ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी लोकनायक, मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के अनन्य भक्त तथा श्रीरामचरितमानस के अमर रचयिता थे। उन्होंने कहा कि तुलसीदास जी के आदर्शों और उनके बताए मार्ग पर चलकर मनुष्य अपने जीवन को सार्थक बना सकता है।
मां-बेटी की जुगलबंदी ने बांधा समां
समारोह में भजन संध्या विशेष आकर्षण का केंद्र रही। श्रीमद्भागवत कथा वाचिका श्रीमती सविता गोस्वामी गुलाबी साड़ी में हारमोनियम पर भजनों की प्रस्तुति दे रही थीं। उनके साथ उनकी 10 वर्षीय पुत्री सुश्री विभूति गोस्वामी भी मौजूद रहीं। मां-बेटी की इस सुंदर जुगलबंदी ने पूरे सभागार को भक्तिरस में सराबोर कर दिया।

विभूति दिल्ली पब्लिक स्कूल चांपा में कक्षा पांचवीं की छात्रा हैं। बताया गया कि वह महज पांच वर्ष की उम्र से अपनी मां के साथ धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गायन कर रही हैं। उनकी आवाज में ऊर्जा, खनक और मासूमियत ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
प्रतिभा का हुआ सम्मान
विभूति गोस्वामी की प्रतिभा को प्रोत्साहित करते हुए डीबी तनिष्क के डायरेक्टर एवं निराला साहित्य मंडल के कार्यकारी अध्यक्ष धीरेन्द्र वाजपेयी ने उन्हें सम्मानित कर उत्साहवर्धन किया।

भजनों से भक्तिमय हुआ वातावरण
कार्यक्रम के दौरान एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति दी गई। तबले पर रामेश्वर सोनझरी, हारमोनियम पर भुवनेश्वर, सुमधुर गायिका सुश्री रतन यादव, कृष्णा दीदी एवं अन्य कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। श्रीमती सविता गोस्वामी एवं उनकी पुत्री विभूति गोस्वामी ने भी मां-बेटी के रूप में भजन प्रस्तुति देकर खूब सराहना बटोरी।

कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना से हुई। इसके पश्चात अतिथियों ने गोस्वामी तुलसीदास जी, माता सरस्वती एवं स्मृतिशेष मोहनलाल बाजपेयी के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

अतिथियों का हुआ सम्मान
समारोह में एसडीओपी चांपा लोकेश बंसल, पंडित हरिहर प्रसाद तिवारी, गोपाल मित्तल, डॉ. श्रीमती कुमुदिनी द्विवेदी, अखिलेश कोमल पाण्डेय एवं डॉ. रविन्द्र द्विवेदी सहित अनेक गणमान्य अतिथि मंचस्थ रहे।वयोवृद्ध पंडित हरिहर तिवारी, पंडित दिनेश दुबे, एसडीओपी लोकेश बंसल, राजेश अग्रवाल, धीरेन्द्र वाजपेयी एवं श्रीमती सविता गोस्वामी को शाल, श्रीफल एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया।

मां-बेटी का रिश्ता बताया सबसे अनूठा
निराला साहित्य मंडल के मीडिया प्रभारी एवं विश्लेषक शशिभूषण सोनी ने कहा कि मां-बेटी का रिश्ता संसार के सबसे अनूठे रिश्तों में से एक है। मां अपने प्रेम, त्याग और समर्पण से बेटी का पालन-पोषण करने के साथ उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए बचपन से ही उसे प्रोत्साहित करती है। उन्होंने कहा कि सविता गोस्वामी और उनकी पुत्री विभूति की यह जोड़ी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सुंदर उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि इस तरह के साहित्यिक एवं सांस्कृतिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, साहित्य और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम में भुवनेश्वर राठौर, लक्ष्मीप्रसाद सोनी, हेमंत सराफ, राज अग्रवाल, शैलेष शर्मा, कमलदास महंत, शंकर शर्मा, मंसूर खान, अजय कुमार शर्मा, धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय, अधिवक्ता रितू तिवारी, शमीष्ठा कंसारी, संगीता अग्रवाल, पूर्व पार्षद श्रीमती गीता सोनी सहित डीबी तनिष्क के अधिकारी-कर्मचारी एवं कॉलोनीवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
समूचा आयोजन भक्तिमय एवं साहित्यिक वातावरण में संपन्न हुआ और उपस्थित लोगों ने गोस्वामी तुलसीदास जी के साहित्य, भक्ति एवं आदर्शों को स्मरण करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संदेश लिया।



