जांजगीर (सलवा जुडूम मीडिया) जांजगीर की माननीय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने अपहरण, लूट एवं हत्या के बहुचर्चित मामले में तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोष सिद्ध होने पर आरोपियों को आजीवन कारावास के साथ अर्थदंड से भी दंडित किया।
अभियोजन के अनुसार, 13 अप्रैल 2024 की रात आरोपियों ने किराये पर डिजायर कार बुक कर चालक रमाकांत तिवारी को अपने साथ ले गए। रास्ते में सुनियोजित तरीके से चालक की हत्या कर दी गई तथा कार और अन्य सामान लूट लिया गया। इसके बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को ठिकाने लगाने का प्रयास किया गया, लेकिन पुलिस की त्वरित जांच, तकनीकी साक्ष्य और गवाहों के आधार पर पूरे मामले का खुलासा हो गया।
जांच के दौरान पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों के बयान के आधार पर न्यायालय ने आरोपियों को दोषी करार देते हुए हत्या, अपहरण, लूट तथा साक्ष्य मिटाने जैसे गंभीर अपराधों में आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
लोक अभियोजक संदीप सिंह बनाफर ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिसके आधार पर न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषसिद्ध माना और कठोर दंड प्रदान किया। इस फैसले को गंभीर अपराधों के विरुद्ध न्यायपालिका के सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है।





