जांजगीर चांपा (सलवा जुडूम मीडिया) दिनाँक 25/5/2026 होली हंस सरोवर में आयोजित बाल संस्कार शिविर के प्रथम दिन बच्चों को अच्छे संस्कार की नैतिक शिक्षा देते हुए बी के चन्द्रिका ने कहा कि यह महत्वपूर्ण बात है कि हम रात्रि को सोने के पूर्व अपनी जाँच कर की हुई भूल के लिए ईश्वर से क्षमा मांगना एवं आगे इस गलती को दुबारा नहीं करने का वायदा करना तथा दिनचर्या की सारी बातों को बताकर निश्चिंत होकर सोना तथा प्रातः उठते ही प्रथमतः ईश्वर की याद एवं मात पिता की आशीर्वाद से दिन की शुरुवात करें l
मानसिक विकास के लिए दया, करुणा, सहनशील, क्षमा भाव आदि गुणों की आवश्यकता होती है जो केवल मन में अच्छे विचार लाने से ही हो सकता है l हमारा मन अदृश्य रूप से परम शक्ति परमात्मा से जुड़ा रहता है केवल कुछ क्षण शांत रहें तो मन में अनेक प्रकार के दिव्य गुण प्रकट होते है जो कि मन के विकास के लिए आवश्यक है l

राजयोग शिक्षका ने एक कहानी के माध्यम से बतलाया कि बहुत समय की बात है एक राजा और रानी थे l कई वर्षों बाद रानी ने एक प्यारे बच्चे को जन्म दिया तो उसी दिन एक परी आयी उसने कहा कि आज मै आपके पुत्र को एक वरदान दूंगी जो मांगो वही हो जायेगा तब राजा ने कहा हम अपार धन की कामना करते हैं जिससे किसी चीज के लिए तरसे नहीं, पैसे से हर चीज खरीद सके तब परी ने कहा तथास्तु.. l अब जब कि सब चीजे बिना चाहत के मिल गयी तो उन चीजों की उन्हें कोई कदर नहीं थी, धीरे धीरे वह स्वार्थी बन गया उसे कोई चाहता नहीं था उसे सभी अंदर से नफरत करने लगे l कुछ दिनों बाद रानी ने दूसरे बेटे को जन्म दिया l फिर परी आयी उसने कहा वरदान देने आयी हूँ मांगो राजा ने कहा महान बुद्धि वाला हो वह देश भर में प्रसिद्ध हो परी ने कहा तथास्तु l फिर धीरे धीरे उसे अपनी बुद्धि का अभिमान होने लगा वह अहंकारी हो गया राजा परेशान हो गया वह राज्य चलाने लायक नहीं रहा l कुछ समय बाद रानी ने तीसरे बेटे को जन्म दिया फिर परी नें पूछा वरदान मांग लो तब राजा नें कहा की वह सबका प्यारा हो, सबको सुख दे, सबका भला करे, सबका सहयोग करे खुद संतुष्ट रहे और सबको संतुष्ट करे आगे चलकर यही श्रेष्ठ उत्तराधिकारी राजा बनता है………तो देखा जाय तो वैल्यू किस चीज की थी? उसके गुणोंh की l मनुष्य केवल धन या बुद्धि से महान नहीं बनता बल्कि अच्छे गुणों व कर्मो से महान बनता है l तो हमें भी सबसे गुण ही ग्रहण करना है



