श्रीधाम वृंदावन से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक श्रीहित ललित वल्लभ महराज ने कथा के द्वितीय दिवस सुनाया गर्भ का रहस्य *
गर्भस्थ शिशु के वैज्ञानिक विकास क्रम का रहस्यमय तरीके ! भगवान शिव का विज्ञान और विष्णु का शोध ।*
चांपा (सलवा जुडूम मीडिया) पुरुषोत्तम मास में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान श्री वृंदावन से पधारे सुप्रसिद्ध कथा वाचक श्रद्धेय हित वल्लभ नागार्च महराज ने एक महिला के गर्भ में पल रहे शिशु के विकास का वर्णन करते हुए सनातन शास्त्रों में वर्णित विज्ञान पर प्रकाश डालकर कथा स्थल पर बैठे हुए श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया ।

*जीव जब अन्न से निकलता है तब देह में प्रवेश करता हैं, कथा का सारतत्व*
श्रीश्याम परिवार एवं भागवत प्रेमी भक्तजन के संयुक्त तत्वावधान में श्रीराममंगलम भवन चांपा में आयोजित कथा के दौरान भागवताचार्य महराज ने कहा कि जीव जब अन्न से निकलता हैं तो सबसे पहले पुरुष के देह में प्रवेश करता हैं और पुरुष के द्वारा स्त्री के उदर में गर्भ धारण करता हैं । उन्होंने विस्तृत वर्णन करते हुए गर्भ में जीव के विकास का क्रम का बहुत ही सरल और सहज ढंग से सुनाकर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिशु के पांचवें दिन गर्भ फल के जैसी आकृति आ जाती हैं और दसवें दिन बेर के समान कड़ा हो जाता हैं फिर 15 वें दिन मांस पिंड के आकार निकलना शुरू हो जाता हैं । इस तरह से एक महिना पूर्ण हो चुका होता हैं। उन्होंने बताया कि सबसे पहले शिशु के सिर का निर्माण होता हैं । दुसरे महिने हाथ-पैर आदि अवयव बनते जाते हैं । फिर तीसरे महिने में नाखून, रोम, हड्डी, चर्म, लिंग-योनि के चिन्ह प्रकट होते हैं । इसी महीने में बेटा हैं या बेटी यह निश्चित हो जाता हैं । इस अवसर पर श्याम परिवार तथा श्याम सखी मित्र मंडली परिवार की ओर से मुख्य यजमान श्रीमति माया – किशन शर्मा, उप-यजमान श्रीमति संगीता -विजय अग्रवाल और श्रीमति संगीता-अनिल मोदी ने सबसे पहले व्यासपीठ पर विराजमान पंडित हित वल्लभ महराज की का पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया । प्रिंट मीडिया की ओर से शशिभूषण सोनी ने आत्मीय स्वागत किया ।

*शिव का विज्ञान या विष्णु का शोध*
भागवत रत्न की उपाधि से विभूषित परम पूज्य संत श्री हित महराज ने समाचार प्रकाशन और प्रसारण के लिए मीडिया साथियों को साधुवाद दिया । उन्होंने शिव का विज्ञान, विष्णु का शोध विषय पर विस्तार से कहा कि हमारे प्राचीन ऋषियों-मुनियों ने हजारों वर्ष पूर्व ही गर्भ विज्ञान का गूढ़ रहस्य जान लिया था और उन्हें बता भी दिया था। कथा का रसपान करने सजन कुमार अग्रवाल, नंदकिशोर अग्रवाल, हिमाचल सोनी, किशोर गोधेजा, जगदीश प्रसाद सोमानी, मनोज कुमार, किशन मितल, संतोष कुमार, शशिभूषण सोनी, श्रीमति नेहा अग्रवाल , संगीता अग्रवाल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे । आयोजक किशन लाल शर्मा ने अधिक से अधिक संख्या में कथा रसपान करने का निवेदन किया हैं ।




