जांजगीर चांपा (सलवा जुडूम मीडिया) घर में घुसकर वृद्ध की हत्या और सोने-चांदी के आभूषण लूटने के मामले में जांजगीर के माननीय सेशन जज श्री जयदीप गर्ग ने दो आरोपियों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी दीपक यादव और मिर्जा शाहिद बेग को हत्या, लूट और घर में घुसने के अपराध में दोषी ठहराते हुए कठोर दंड से दंडित किया।

मामला थाना चांपा क्षेत्र के शंकर नगर का है। 26 जून 2024 की रात सूचना मिली थी कि डेयरी संचालक छोटेलाल पांडेय अपने घर में मृत अवस्था में पड़े हैं। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची, जहां घटनास्थल से वायर के टुकड़े मिले और घर की अलमारी टूटी हुई पाई गई। मर्ग जांच के बाद थाना चांपा में धारा 450, 302 और 382 भा.दं.वि. के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 19 गवाहों के बयान कराए गए। घटनास्थल से मिले वायर के टुकड़ों और आरोपी दीपक यादव से बरामद वायर के टुकड़ों के बीच समानता संबंधी साक्ष्य अभियोजन के लिए महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुआ।

न्यायालय ने पूरे मामले में प्रस्तुत परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का विश्लेषण करते हुए माना कि साक्ष्यों की सभी कड़ियां एक-दूसरे से निर्णायक रूप से जुड़ती हैं और आरोपियों द्वारा मिलकर घर में घुसकर छोटेलाल पांडेय की हत्या करने तथा सोने-चांदी के आभूषण लूटने का अपराध संदेह से परे प्रमाणित हुआ है।

न्यायालय ने दीपक यादव पिता एकादशिया यादव, उम्र 30 वर्ष और मिर्जा शाहिद बेग पिता स्व. मिर्जा सालिम बेग, उम्र 26 वर्ष को धारा 302 सहपठित धारा 34 के तहत आजीवन कारावास एवं ₹10 हजार अर्थदंड तथा धारा 397 के तहत भी आजीवन कारावास एवं ₹10 हजार अर्थदंड से दंडित किया।

इसके अतिरिक्त दोनों आरोपियों को धारा 450 भा.दं.वि. के तहत 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास और ₹10-10 हजार अर्थदंड की सजा भी सुनाई गई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर प्रत्येक सजा के लिए 6-6 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।

प्रकरण में अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक श्री संदीप सिंह बनाफर ने प्रभावी पैरवी की। न्यायालय के इस फैसले को घर में घुसकर हत्या और लूट जैसे गंभीर अपराधों में कठोर दंड के रूप में देखा जा रहा है।


