जांजगीर चांपा, मुनुन्द, 13 सितंबर 2026 भारतीय आदि संस्कृति का आह्वान करते हुए दुर्ग से पधारे मोटिवेशनल स्पीकर ब्रह्माकुमार आशीष ने कहा कि हर घर को स्वर्ग बनाना मनुष्य जीवन का लक्ष्य होना चाहिए। वे प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज होलीहंस सरोवर, मुनुन्द में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित श्रोताओं को संबोधित कर रहे थे ,

ब्रह्माकुमार आशीष ने कहा कि केवल कहने मात्र से घर स्वर्ग नहीं बनता, बल्कि इसके लिए व्यक्ति को अपने आचरण और उच्चारण को दैवी संस्कारों के अनुरूप बनाना होगा। साथ ही मन को शक्तिशाली बनाना भी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि मन को शक्तिशाली बनाने के लिए व्यक्ति को व्यर्थ विचारों और व्यर्थ संगति से स्वयं को दूर रखना चाहिए। इसके लिए राजयोग की प्राचीन विधा को अपनाना उपयोगी है। राजयोग के माध्यम से आत्मा के निजी गुणों को कर्म में लाया जा सकता है और निरंतर अभ्यास से आदि सनातन दैवी संस्कारों को जीवन में धारण किया जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान ब्रह्माकुमार आशीष ने दैवी संस्कारों को जीवन में धारण करने की विधि बताई तथा राजयोग के माध्यम से उपस्थित लोगों को गहन शांति का अनुभव कराया। उन्होंने सभी को सकारात्मक और खुशनुमा जीवन जीने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के शुभारंभ में कु. मीठी ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया। वहीं कार्यक्रम के समापन अवसर पर कु. वाणी ने विघ्नहर्ता श्री गणेश पर सुंदर नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।





