चांपा (सलवा जुडूम मीडिया) विश्व की सबसे बड़ी सांस्कृतिक संस्था द आर्ट ऑफ लिविंग हैं । 182 देशों में इसके 10,000 से अधिक सक्रिय सेंटर हैं । गुरुदेव श्रीश्री रविशंकर जी ने इस संस्था की स्थापना वर्ष 1981 में की थी । संस्था का मुख्य उद्देश्य लोगों को तनावमुक्त और खुशहाल जीवन जीने के लिए प्रेरित करना हैं ।चांपा में भी आर्ट ऑफ लिविंग परिवार द्वारा समय-समय पर योग, ध्यान, शिक्षा, स्वास्थ्य के साथ-साथ सबसे लोकप्रिय तकनीक सुदर्शन क्रिया कराया जाता हैं । श्रावण मास में अनेक स्थानों पर रुद्राभिषेक और शिर्वाचन जारी हैं । सत्संग और हैप्पीनेस कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं ।

*होम्योपैथिक क्लिनिक में महासत्संग*
सांस्कृतिक संस्था द आर्ट ऑफ लिविंग परिवार , चांपा द्वारा श्रावण मास के पावन अवसर पर साहू होम्योपैथी क्लिनिक, गुरुनानक रेसीडेंसी में प्रातःकाल रुद्राभिषेक व शिर्वाचन तथा सायंकाल 7: 30 बजें से यहां सत्संग एवं महाप्रसाद का आयोजन संपन्न हुआ । इस अवसर पर प्रिंट मीडिया तथा आर्ट ऑफ लिविंग परिवार से जुड़े हुए शशिभूषण सोनी विशेष रूप से सहभागी बने । कार्यक्रम का शुभारंभ सबसे पहले द आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक परम पूज्य गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित, पूजन तथा माल्यार्पण के हुआ । गुरुदेव जी के आशीर्वाद से आयोजित इस कार्यक्रम में डॉ भोलेश्वर सोनी, महावीर प्रसाद सोनी, डॉ श्यामाचरण साहू सहित अन्य लोग मौजूद थे ।

महासत्संग में छोटी-सी साधिका सुश्री खुशी सोनी ने एक से बढ़कर एक मधुर भजनों से समां बांधा कि श्रद्धालु भक्त भक्ति की गंगा में डुबकी लगाने लगे । सबने अंत तक भजन-कीर्तन का आनंद लिया । खुशी, डॉ भोलेश्वर – श्रीमति कीर्ति सोनी की सुपुत्री हैं ।

गौरतलब हैं कि आर्ट ऑफ लिविंग परिवार से ताल्लुक रखने वाले डॉ साहू दंपत्ति ने सपरिवार , इष्ट मित्रों सहित सादर आमंत्रित किया था । महाप्रसाद के साथ कार्यक्रम समापन हुआ। अंत में डॉक्टर श्यामाचरण साहू जी निवास, होम्योपैथी क्लिनिक गुरुनानक रेजिडेंसी चांपा के श्यामाचरण साहू और श्रीमति डॉक्टर श्रीमती अर्चना साहू ने सबको रुद्राभिषेक तथा महाप्रसाद खिलाकर विदा किया । इस अवसर पर के सी अग्रवाल, क्रांतिभूषण अग्रवाल कृष्ण कुमार देवांगन, रामवलभ सोनी, अधिवक्ता महावीर प्रसाद सोनी, सुनील सोनी, श्रीमति अन्नपूर्णा सोनी, भगवती, अर्चना, पुष्पा देवांगन, संजय कुमार थवाणी सहित अन्य लोग मौजूद थे ।







