जांजगीर चांपा (सलवा जुडूम मीडिया) जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री एवं प्रवक्ता नागेंद्र गुप्ता ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की गलत नीतियों के कारण दैनिक जरूरत की चीजों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इससे आम नागरिकों के रसोई का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है, जबकि कुछ उद्योगपतियों और पूंजीपतियों को बेतहाशा मुनाफाखोरी का लाभ मिल रहा है।
उन्होंने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की कि एक तरफ जहां आम जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है।

त्योहारी सीजन में शक्कर के दामों में 40% तक का उछाल
- कांग्रेस प्रवक्ता ने शक्कर की कीमतों में हुई भारी वृद्धि का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा:
- पहले शक्कर ₹40 प्रति किलो बिक रही थी।
- अब इसके दाम बढ़कर ₹70 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं।
- त्योहारी सीजन (जैसे रक्षाबंधन) में शक्कर के दाम 40% तक बढ़ चुके हैं।
- इसके कारण बाजारों में मिठाइयों की कीमतें भी काफी बढ़ गई हैं।
- महंगाई के इस दौर में त्योहारों पर आम नागरिकों के लिए खुशियां मनाना मुश्किल हो रहा है।

इथेनॉल नीति और गाड़ियों पर इसके साइड इफेक्ट का दावा
नागेंद्र गुप्ता ने शक्कर की कमी और बढ़ती कीमतों के पीछे केंद्र सरकार की इथेनॉल नीति को जिम्मेदार ठहराया। उनके अनुसार:
- गन्ना उत्पाद का उपयोग शक्कर के बजाय इथेनॉल बनाने के लिए किया जा रहा है।
- इस इथेनॉल का उपयोग ई-20 (E20) पेट्रोल तैयार करने में हो रहा है।
- इस नीति के कारण शक्कर का घरेलू उत्पादन सीधे तौर पर प्रभावित हुआ है।
- उन्होंने यह दावा भी किया कि ई-20 पेट्रोल से गाड़ियों के माइलेज और इंजन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

महंगाई पर अंकुश लगाने में केंद्र सरकार विफल
कांग्रेस नेता ने कहा कि पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस, चीनी और प्याज जैसी मूलभूत वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ने से आम आदमी का जीना मुहाल हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के पास महंगाई को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस नीति नहीं है। सरकार इस स्थिति पर पूरी तरह बेबस नजर आ रही है, जो कि उसकी प्रशासनिक और आर्थिक विफलता को दर्शाता है।




