परमात्मा का रक्षासूत्र ही जीवन में देता है सच्ची सुख-शांति और सुरक्षा: ब्रह्माकुमारी,
जांजगीर-चांपा (सलवा जुडूम मीडिया) रक्षाबंधन के पावन पर्व के उपलक्ष्य में रक्षित आरक्षी केंद्र जांजगीर में एक विशेष एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भड़ेसर, होली हंस सरोवर मुनुन्द एवं जांजगीर पेण्ड्री सेवाकेंद्र की संचालिकाओं—ब्रह्मा कुमारी चन्द्रिका बहन, ब्रह्मा कुमारी सरस्वती बहन और ब्रह्मा कुमारी खुशबू बहन ने उपस्थित सभी पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी भाइयों को पवित्र रक्षा सूत्र (राखी) बांधा और उनके मंगलमय जीवन की कामना की।

भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक है रक्षाबंधन
रक्षाबंधन के आध्यात्मिक रहस्य पर प्रकाश डालते हुए जांजगीर पेण्ड्री सेवाकेंद्र की संचालिका बी.के. चन्द्रिका ने कहा कि आज के युग में कोई भी व्यक्ति किसी बंधन में नहीं बंधना चाहता। इसके बावजूद, रक्षाबंधन एक ऐसा पवित्र बंधन है जिसमें भाई सहज और सहर्ष बंध जाता है और अपनी बहन की रक्षा का अटूट वचन देता है।

विषम परिस्थितियों में ईश्वर ही एकमात्र सहारा
बी.के. चन्द्रिका ने एक गहरी बात साझा करते हुए कहा कि यदि भाई छोटा हो या बहुत दूर रहता हो, तो वह हर परिस्थिति में बहन की रक्षा के लिए तुरंत नहीं पहुंच सकता। ऐसी स्थिति में केवल सर्व समर्थ परमपिता परमात्मा ही एकमात्र सहारा होते हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में सभी मनुष्य आत्माओं को ईश्वर की ओर से ऐसा रक्षासूत्र बांधने की आवश्यकता है, जिससे हमारे तन, मन और धन की माया के हर प्रभाव से पूर्ण रक्षा-सुरक्षा हो सके।

ग्रुप फोटो के साथ संपन्न हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम के दौरान बी.के. सरस्वती, बी.के. खुशबू, बी.के. फिरत और बी.के. ओशिका सहित अन्य ब्रह्माकुमारी बहनों ने सभी पुलिस भाइयों को तिलक लगाकर राखी बांधी और प्रसाद (मुंह मीठा) वितरण किया। इस आत्मीय आयोजन के अंत में सभी पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और ब्रह्माकुमारी बहनों ने एक यादगार ग्रुप फोटो भी खिंचवाई। इस दौरान पूरे परिसर का वातावरण आध्यात्मिक और भाईचारे की भावना से सराबोर नजर आया।





