जांजगीर (सलवा जुडूम मीडिया) शारदीय नवरात्र का पर्व मां दुर्गा की आराधना, शक्ति उपासना और आध्यात्मिक साधना का विशेष अवसर माना जाता है। इस वर्ष नवरात्र की अष्टमी तिथि पर विशेष पूजा-अर्चना, हवन और साधना का आयोजन किया जाएगा। इसी क्रम में जांजगीर की नूतन कॉलोनी स्थित दक्षिणेश्वर मां काली आश्रम में सोमवार को विशेष हवन विधान संपन्न होगा।
आश्रम के साधक एवं तांत्रिकाचार्य गुरुजी सनत राठौर के अनुसार, नवरात्र वर्ष में दो बार आता है। प्रथम चैत्र नवरात्र से नववर्ष का आरंभ माना जाता है, जबकि अश्विन मास में आने वाला नवरात्र शारदीय नवरात्र कहलाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इन दोनों नवरात्रों का आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है।
मां काली की उपासना से शक्ति साधना का विशेष महत्व
संत राठौर ने बताया कि मां काली को शक्ति स्वरूपा माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां काली की आराधना साधकों के लिए विशेष महत्व रखती है। नवरात्र के दौरान उपासना, मंत्र-जप, हवन, कुंडलिनी जागरण और अन्य आध्यात्मिक साधनाएं की जाती हैं।
उन्होंने बताया कि मां काली की साधना को शक्ति उपासना का महत्वपूर्ण अंग माना गया है। नवरात्र में श्रद्धालु मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना कर सुख, शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना करते हैं।
अष्टमी और नवमी तिथि को लेकर विशेष जानकारी
आश्रम से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अष्टमी तिथि रविवार को सुबह 8 बजकर 28 मिनट से प्रारंभ होकर सोमवार सुबह 10 बजकर 50 मिनट तक रहेगी। तिथि के सूर्योदय संबंधी नियमों के आधार पर सोमवार को अष्टमी तिथि मानने की जानकारी दी गई है।
प्राप्त विवरण के अनुसार, रविवार सुबह से भद्रा का समय भी प्रारंभ होगा। हालांकि, भद्रा के पाताल लोक में होने के कारण इसे पूजा-विधान में बाधक नहीं माना गया है। यह धार्मिक पंचांग एवं परंपरागत मान्यताओं पर आधारित विवरण है।
सोमवार को पूरी रात होगा हवन विधान
दक्षिणेश्वर मां काली आश्रम, नूतन कॉलोनी, जांजगीर में सोमवार सुबह 9 बजे से पूरी रात हवन विधान आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई है। आश्रम के अनुसार, इस दौरान मां काली की आराधना के साथ विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे।
सनत राठौर ने बताया कि सोमवार को रवियोग का संयोग भी बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं में रवियोग को शुभ कार्यों और साधना के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। आश्रम में आयोजित होने वाला यह अनुष्ठान श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक साधना के दृष्टिकोण से विशेष रहेगा।
श्रद्धालुओं से धार्मिक आयोजन में सहभागिता की अपील
नवरात्र के पावन अवसर पर मां दुर्गा और मां काली की आराधना का विशेष महत्व है। आश्रम में आयोजित हवन एवं पूजा-अर्चना के माध्यम से श्रद्धालु आध्यात्मिक वातावरण में सहभागी बन सकेंगे।
स्थान: दक्षिणेश्वर मां काली आश्रम, नूतन कॉलोनी, जांजगीर
आयोजन: अष्टमी-नवमी विशेष हवन एवं साधना
आयोजक: सनत राठौर, दक्षिणेश्वर मां काली आश्रम
दिनांक: सोमवार, 19 अक्टूबर 2026






